सृजक ने किया निर्वाणवन में वृक्षारोपण एवं पावस गीत ग़ज़ल गोष्ठी का आयोजन
अलवर (कमलेश जैन) अलवर की प्रतिष्ठित साहित्यिक - सामाजिक संस्था - 'सृजक' की ओर से डढ़ीकर स्थित निर्वाणवन फाउण्डेशन परिसर में 16 अगस्त को सुबह 10 बजे किए गए सघन वृक्षारोपण कार्यक्रम में 21 फल एवं औषधीय गुणों वाले पौधे लगाए गए जिनमें - लीची , जामुन , अर्जुन , पीपल , नीम आदि प्रमुख हैं।
सृजक संस्थान के सचिव रामचरण 'राग'ने बताया कि इस अवसर पर सृजक की मासिक रूप से होने वाली कवि गोष्ठी को 'पावस गीत-ग़ज़ल गोष्ठी' के रूप में आयोजित किया गया । सृजक की 'पावस गीत-ग़ज़ल गोष्ठी' संस्थान के अध्यक्ष सरदार अमरीक सिंह 'अदब' की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई। इसमें निर्वाणवन फाउण्डेशन के संस्थापक स्वामी निर्वाण बोधिसत्व मुख्य अतिथि के रूप में तथा वरिष्ठ कवि रघुवर दयाल जैन, प्रदीप भारद्वाज व देवेन्द्र शर्मा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
सुबह ग्यारह बजे शुरू हुई 'पावस गीत-ग़ज़ल गोष्ठी' की शुरुआत रेणु मिश्रा की सरस सरस्वती वंदना से हुई। उसके बाद गोष्ठी में सावन के गीतों की झड़ी लगी रही । युवा कवि देवांश जाँगिड़, डॉ मयंक गर्ग, डॉ देवेन्द्र शर्मा, गिरवर सिंह बाँकावत, पुरुषोत्तम शर्मा, रेणु मिश्रा, दया गर्ग , खेमेन्द्र सिंह चंद्रावत, हेमराज सैनी , डॉ वेद प्रकाश यादव 'सहज' , राजेन्द्र शर्मा, प्रदीप माथुर आदि ने सावन में विरहिणी नायिका के वियोग श्रृंगार को गाया तो रवीन्द्र मिश्रा, अंजू नकड़ा, घनश्याम शर्मा ने श्रोताओं को देश भक्ति के रंग में रँग दिया।
इस अवसर पर प्रदीप भारद्वाज, रामचरण 'राग' , अमरीक सिंह 'अदब' की ग़ज़लों को खूब सराहा गया तथा प्रेम शर्मा की अनूठी प्रेम कविता व डॉ शिवचरण चैड़वाल की ग़ज़ल ने महफ़िल की गरिमा में चार चाँद लगा दिए। गोकुल राम शर्मा 'दिवाकर' के दीपक को संबोधित प्रेरक गीत व रघुवर दयाल जैन की हास्य कविता ने उपस्थित श्रोताओं खूब प्रभावित किया, जगदीश भारद्वाज व सदाराम चौमूं की प्रकृति प्रेम की उत्कृष्ट रचनाओं में पेड़ों के महत्त्व को रेखांकित करते हुए उसे बचाए रखने के लिए प्रेरित किया। ख्यात बाँसुरी वादक सुभाष नकड़ा ने माँ पर केन्द्रित गीत द्वारा सभी के मर्म को स्पर्श किया।
मुख्य अतिथि स्वामी निर्वाण बोधिसत्व ने अपने उद्बोधन में सृजक संस्थान के कार्यक्रमों की व उसकी सक्रियता की सराहना की तथा मनुष्यता के लिए काम करने की प्रेरणा दी।
इस कार्यक्रम में सृजक संस्थान के संरक्षक भरत सिंह अहरोदिया, शिक्षाविद प्रदीप सैनी, हरि नारायण, मुकेश मीणा, नीलू जौनवाल, रंगकर्मी महेंद्र सिंह , निर्वाणवन की कार्यकर्ता निकिता , हवा सिंह , मौ० अज़ीज़,सुंदर आदि अनेक गणमान्य जन एवं प्रबुद्ध नागरिक उपस्थित थे। कार्यक्रम के आरंभ में उपाध्यक्ष खेमेन्द्र सिंह चंद्रावत ने किया तथा रेणु मिश्रा ने सभी का धन्यवाद एवं आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संयोजन - संचालन सृजक संस्थान के सचिव रामचरण 'राग' ने किया।

