किठाना के हिमांशु चौधरी का NISER में चयन, NEST में OBC रैंक 596 हासिल कर झुंझुनूं का बढ़ाया मान
झुंझुनूं (सुमेर सिंह राव) जिले के किठाना गांव के होनहार छात्र हिमांशु चौधरी पुत्र कमल धनखड़ एवं सरिता धनखड़ ने राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल कर झुंझुनूं जिले का मान बढ़ाया है। हिमांशु ने नेशनल एंट्रेंस स्क्रीनिंग टेस्ट (एनईएसटी) में ऑल इंडिया ओबीसी वर्ग में 596वीं रैंक हासिल कर देश के प्रतिष्ठित नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ साइंस एजुकेशन एंड रिसर्च (एनआईएसईआर) भुवनेश्वर में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एमएससी प्रोग्राम में प्रवेश प्राप्त किया है।
एनआईएसईआर भुवनेश्वर भारत में विज्ञान के क्षेत्र में उच्च स्तरीय शिक्षा और अनुसंधान के लिए स्थापित प्रमुख संस्थानों में गिना जाता है। यहां विद्यार्थियों को केवल पारंपरिक डिग्री शिक्षा ही नहीं, बल्कि बेसिक साइंस में शोध और वैज्ञानिक सोच विकसित करने का अवसर मिलता है। एनईएसटी के माध्यम से एनआईएसईआर के पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एमएससी प्रोग्राम में प्रवेश मिलना अपने आप में बड़ी उपलब्धि माना जाता है। इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों को विज्ञान की विभिन्न शाखाओं में मजबूत अकादमिक आधार के साथ आगे चलकर उच्च स्तरीय अनुसंधान के लिए तैयार किया जाता है।
हर साल सीमित विद्यार्थियों को मिलता है प्रवेश
एनआईएसईआर के इस प्रतिष्ठित कार्यक्रम में देशभर से चुनिंदा विद्यार्थियों का ही चयन होता है। इस वर्ष झुंझुनूं जिले से एकमात्र हिमांशु का चयन हुआ है। जिसस परिवार के साथ-साथ पूरे जिले में खुशी का माहौल है। खास बात यह है कि इतने बड़े राष्ट्रीय स्तर के संस्थान में चयन के लिए हिमांशु ने देशभर के विद्यार्थियों के बीच प्रतिस्पर्धा करते हुए अपनी प्रतिभा साबित की है। एनआईएसईआर से शिक्षा प्राप्त करने के बाद विद्यार्थियों के लिए देश के प्रमुख वैज्ञानिक एवं अनुसंधान संस्थानों में आगे बढ़ने के अवसर खुलते हैं। इनमें डीआरडीओ, इसरो, भाभा आटोमिक रिसर्च सेंटर (बार्क) सहित देश के विभिन्न शोध संस्थान शामिल हैं। इसके अलावा विद्यार्थी उच्च शिक्षा और शोध के लिए विदेशों में भी अवसर प्राप्त कर सकते हैं।
परिवार और गुरुजनों को दिया सफलता का श्रेय
हिमांशु ने अपनी सफलता का श्रेय अपने पिता कमल धनखड़, माता सरिता धनखड़, दादा-दादी, नाना-नानी, भाई-बहनों और गुरुजनों को दिया है। उन्होंने कहा कि परिवार के निरंतर सहयोग और गुरुजनों के मार्गदर्शन से ही वह इस मुकाम तक पहुंच सके। हिमांशु किठाना निवासी एवं निवर्तमान जिला परिषद सदस्य पंकज धनखड़ के भतीजे हैं। उनकी इस उपलब्धि पर परिवार, रिश्तेदारों और ग्रामीणों ने खुशी जताते हुए उन्हें बधाई दी।
झुंझुनूं के लिए खास है हिमांशु का चयन
एनईएसटी जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धी परीक्षा में शानदार प्रदर्शन कर एनआईएसईआर जैसे प्रतिष्ठित विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थान के पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एमएससी प्रोग्राम में प्रवेश हासिल करना झुंझुनूं जैसे जिले के लिए भी गौरव की बात है। हिमांशु की सफलता यह दिखाती है कि छोटे शहर और गांवों से निकलने वाले विद्यार्थी भी देश के शीर्ष विज्ञान एवं अनुसंधान संस्थानों तक अपनी प्रतिभा के दम पर पहुंच सकते हैं। अब हिमांशु एनआईएसईआर में अध्ययन कर वैज्ञानिक एवं शोध के क्षेत्र में आगे बढ़ने की तैयारी करेंगे।

