संभागीय आयुक्त ने मानसून आपदा प्रबंधन की समीक्षा बैठक ली,अलर्ट मोड पर भरतपुर संभाग
भरतपुर (कोश्लेंद्र दत्तात्रेय)। मानसून के दौरान संभावित जलभराव, बाढ़ और आपदा संबंधी परिस्थितियों से निपटने के लिए संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया ने वीसी के माध्यम से संभाग स्तरीय समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में भरतपुर, करौली, सवाई माधोपुर, धौलपुर और डीग के जिला कलेक्टर्स सहित नगर निकायों एवं संबंधित विभागों के उच्च अधिकारी मौजूद रहे।
संभागीय आयुक्त ने सभी अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि मानसून को देखते हुए सभी पूर्व तैयारियां समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएं। उन्होंने संवेदनशील जलभराव वाले स्थलों को चिन्हित कर पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था करने और आपदा प्रबंधन से जुड़े संसाधनों, मशीनरी व उपकरणों को 24 घंटे अलर्ट मोड पर रखने के निर्देश दिए।
भरतपुर, हिंडौन व सवाई माधोपुर में जल निकासी पर विशेष ध्यान
संभागीय आयुक्त ने पूर्व में भरतपुर, हिंडौन और सवाई माधोपुर में हुए जलभराव का संज्ञान लेते हुए वहां ड्रेनेज सिस्टम दुरुस्त करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि:
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भरतपुर: निर्माणाधीन स्थलों से कीचड़ सफाई, खुले गड्ढों पर बैरिकेडिंग व साइन बोर्ड लगाने और लोहागढ़ स्टेडियम परिसर में विशेष सफाई अभियान चलाने के आदेश दिए गए।
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बंध बारैठा: सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात करने के निर्देश दिए।
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धौलपुर: चंबल एवं पार्वती नदी के उफान से प्रभावित होने वाले इलाकों में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम करने को कहा गया।
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सवाई माधोपुर: चंबल, मोरेल, बनास व पार्वती नदी के बहाव क्षेत्र से प्रभावित लोगों के पुनर्वास के लिए एडवांस प्लान तैयार रखने के निर्देश दिए।
24 घंटे एक्टिव रहेंगे कंट्रोल रूम, तैनात रहेंगे तैराक व JCB
नगर निकायों को मोटर पंप, जेसीबी मशीन, प्रशिक्षित तैराकों और आवश्यक संसाधनों की अग्रिम व्यवस्था रखने के सख्त निर्देश दिए गए हैं। संभागीय आयुक्त ने कहा कि उपखंड और तहसील स्तर पर मौसम पूर्वानुमान की प्रतिदिन मॉनिटरिंग की जाए तथा कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचनाओं का आदान-प्रदान सुचारू रखा जाए, ताकि किसी भी आपात स्थिति में जन-धन की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।

