जियो-बीपी और नायरा एनर्जी ने खुदरा पेट्रोल पंपों पर तय की डीजल बिक्री की सीमा; थोक ग्राहकों द्वारा सस्ते ईंधन के इस्तेमाल पर लगाम
नई दिल्ली (कमलेश जैन)
निजी क्षेत्र की प्रमुख ईंधन खुदरा विक्रेता कंपनियों—जियो-बीपी और नायरा एनर्जी ने अपने पेट्रोल पंपों से डीजल की बिक्री पर एक निश्चित सीमा (कैप) तय कर दी है। कंपनियों का यह फैसला खुदरा आपूर्ति नेटवर्क को सुचारू बनाए रखने और औद्योगिक व थोक ग्राहकों द्वारा अनुचित लाभ उठाए जाने से रोकने के लिए आया है।
थोक ग्राहकों द्वारा सस्ते खुदरा ईंधन के इस्तेमाल पर रोक
सूत्रों के अनुसार, यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि कई औद्योगिक और बड़े थोक ग्राहक, आम जनता की सुविधा के लिए खोले गए खुदरा पेट्रोल पंपों से कम कीमत पर डीजल खरीद रहे थे। इसके चलते निजी कंपनियों के पंपों की आपूर्ति व्यवस्था और खुदरा नेटवर्क पर भारी दबाव बढ़ गया था।
तय की गई ईंधन की सीमा
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि जियो-बीपी के आउटलेट्स पर प्रत्येक ग्राहक के लिए डीजल खरीदने की सीमा प्रति दिन 50 लीटर तय कर दी गई है। वहीं, नायरा एनर्जी ने यह सीमा 70 से 200 लीटर के बीच निर्धारित की है।
सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों द्वारा भी सीमा तय होने के आसार
बाजार जानकारों का मानना है कि इस कदम के बाद जल्द ही सार्वजनिक क्षेत्र की सरकारी तेल कंपनियां—इंडियन ऑयल (IOC), भारत पेट्रोलियम (BPCL) और हिंदुस्तान पेट्रोलियम (HPCL) भी ईंधन की मात्रा पर इसी तरह की सीमा तय कर सकती हैं। उल्लेखनीय है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में क्रूड ऑयल (कच्चे तेल) की कीमतें बढ़कर लगभग 108 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच चुकी हैं, जबकि देश में मई महीने से खुदरा पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई है और दाम स्थिर बने हुए हैं।

