पुर के डूंगरी बालाजी मंदिर में भव्य सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का शुभारंभ: पितरों के तर्पण का भी होगा आयोजन
पुर में आध्यात्मिक उल्लास: डूंगरी बालाजी मंदिर परिसर में श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का आगाज, उमड़े श्रद्धालु
पुर / भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल)
प्रस्तावना (Lead Paragraph):
उपनगर पुर स्थित ऐतिहासिक डूंगरी के बालाजी मंदिर में रविवार से सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। श्राद्ध पक्ष के पावन संयोग पर आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान के दौरान कथा के साथ-साथ पितरों के तर्पण का भी विशेष आयोजन किया जा रहा है। प्रथम दिवस पर निकाली गई कलश व शोभायात्रा में महिला मंडल की विशेष भागीदारी रही, जिससे पूरे क्षेत्र का वातावरण भक्तिमय हो गया।
सत्य और ईश्वर भक्ति का संदेश:
कथा के प्रथम दिवस व्यास पीठ से कथा व्यास ने अपने प्रवचनों में श्रद्धालुओं को जीवन का सार समझाते हुए कहा, "जिनको हमने अपना माना, वो तो मात्र वहम था, सच्चा तो केवल गोविंद है।" उन्होंने मनुष्य को सांसारिक मोह-माया के साथ-साथ ईश्वर के प्रति सच्ची आस्था रखने का संदेश दिया। वहीं, कथा प्रवक्ता पं. अशोक व्यास ने कहा कि "ना काया साथ आएगी, ना माया काम आएगी, केवल राम नाम साथ आएगा।" उन्होंने सभी को प्रभु भक्ति और सत्कर्म के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी।
प्रमुख आयोजन और अतिथियों की उपस्थिति:
ट्रस्ट के अध्यक्ष मुकेश पलोड़ ने जानकारी दी कि कथा के पहले दिन व्यास पीठ की पूजा शांतादेवी पलोड़ परिवार द्वारा विधि-विधान से संपन्न की गई। कथा संयोजक श्रवण सेन ने बताया कि शोभायात्रा का मार्ग में 'चौथ माता उत्सव सेवा समिति' और स्थानीय नागरिकों द्वारा जोरदार स्वागत किया गया।
इस अवसर पर अनिल पलोड़, राजेश पलोड़, मनोज पलोड़, कमलेश प्रजापत, नरेश प्रजापत, गणपतलाल, पुरण छीपा, किशनलाल छीपा, कन्हैयालाल पाराशर, प्रदीप पलोड़, आलोक पलोड़, पंकज पलोड़, गोपाल माली, ओम माली, पुजारी बालूदास, छोटूलाल सेन, रमेश सेन, सुरेश सेन हठीला, मनोज सत्रावला, राकेश खाब्या, मुकेश सेठिया और महेश व्यास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
समय-सारणी:
आयोजकों ने बताया कि श्रीमद्भागवत कथा प्रतिदिन दोपहर 2 बजे से शाम 5:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। इस आयोजन को लेकर पुर एवं आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है।

