भीलवाड़ा में 71वें अवतरण दिवस पर संतश्री का सान्निध्य, देश की एकता और सनातन संस्कृति पर दिया जोर
भीलवाड़ा (राजकुमार गोयल)
रामस्नेही संप्रदाय के अंतरराष्ट्रीय जगतगुरु अनंत विभूषित पीठाधीश्वर स्वामी श्री रामदयाल जी महाराज के 71वें अवतरण दिवस के पावन अवसर पर भीलवाड़ा प्रेस सोसायटी के पदाधिकारियों ने रामद्वारा पहुंचकर उनका भव्य अभिनंदन किया और तस्वीर भेंट कर बधाई दी।
इस अवसर पर प्रेस सोसायटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष अमिताभ जोशी द्वारा रचित एक विशेष कविता का श्रद्धालुओं के समक्ष वाचन किया गया, जिसे सभी ने सराहा।
पत्रकार समाज के सजक प्रहरी: स्वामी श्री रामदयाल जी
पत्रकारों को आशीर्वाद देते हुए स्वामी श्री रामदयाल जी ने कहा कि भीलवाड़ा के पत्रकार समाज के सजक प्रहरी हैं, जो सदैव सकारात्मक पत्रकारिता के माध्यम से समाज को आगे बढ़ाने का सराहनीय कार्य करते हैं। उन्होंने विश्व शांति और भारत के विकास के लिए अहिंसा के मार्ग पर चलने का संदेश देते हुए कहा कि किसी भी राष्ट्र की प्रगति उसकी एकता, अखंडता और सद्भाव पर निर्भर करती है और इसके लिए सनातन धर्म के मार्ग पर चलना सबसे श्रेष्ठ है।
"माला के मोतियों की फितरत है बिखर जाने की..."
सर्वधर्म को एक सूत्र में पिरोने के संबंध में पत्रकारों द्वारा पूछे गए एक सवाल के जवाब में महाराज ने बहुत ही सुंदर बात कही— "माला के मोतियों की फितरत है बिखर जाने की, मगर धागे की जिद है उन्हें बांधे रखने की।" उन्होंने कहा कि यदि देश के सभी दल एकाग्रता और आत्मीयता के भाव से एक हो जाएं, तो देश से आतंकवाद, अत्याचार और अन्याय का स्वतः सफाया हो जाएगा।
इस अभिनंदन कार्यक्रम के दौरान प्रेस सोसायटी के अध्यक्ष विश्वनाथ पाराशर, महासचिव शहजाद खान, उपाध्यक्ष बृजेश शर्मा, कोषाध्यक्ष सत्यदेव पाराशर और रमेश तोषनीवाल सहित कई गणमान्य अनुयाई उपस्थित रहे।

