तिलकपुर धाम में शरद पूर्णिमा महोत्सव की धूम: अंतरराज्यीय श्रद्धालुओं का तांता, विशाल भंडारे में हजारों ने पाई प्रसादी
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
आस्था, अध्यात्म और उत्साह के अलौकिक संगम के बीच लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र के प्रसिद्ध ‘तिलकपुर धाम’ में दो दिवसीय शरद पूर्णिमा महोत्सव धूमधाम के साथ संपन्न हुआ। इस पावन अवसर पर राजस्थान ही नहीं, बल्कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड जैसे पड़ोसी राज्यों से भी हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। पूरा धाम पीठाधीश्वर महंत श्री बालक दास महाराज के जयकारों और भक्तिमय भजनों से गूंज उठा।
सत्संग और हवन-यज्ञ से पवित्र हुआ वातावरण
परमहंस सद्गुरु श्री हरचंद दास सत्संग ट्रस्ट के मीडिया प्रभारी नरेंद्र तिलकपुर ने बताया कि महोत्सव के तहत शनिवार रात्रि को एक विशाल और भव्य सत्संग का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न दूर-दराज से आई भजन मंडलियों ने एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां देकर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके अगले दिन रविवार सुबह विधि-विधान के साथ हवन-यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें श्रद्धालुओं ने पूर्णाहुति देकर क्षेत्र में सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान भक्तों ने महंत बालक दास महाराज का शॉल ओढ़ाकर और साफा बांधकर भव्य स्वागत किया तथा उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।
विशाल भंडारे में उमड़ा जनसैलाब
महोत्सव के मुख्य आकर्षण रहे विशाल भंडारे की शुरुआत रविवार सुबह 11 बजे से हुई, जो देर शाम तक अनवरत चलता रहा। इस भव्य भंडारे की विशेष व्यवस्था राजस्थान पुलिस में कार्यरत सतेंद्र यादव (निवासी बहरोड़) की ओर से की गई थी। भंडारे में हजारों की संख्या में महिला, पुरुष और युवा श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर प्रसादी ग्रहण की।
दिग्गजों और जनप्रतिनिधियों की रही विशेष मौजूदगी
धार्मिक और सामाजिक समारोह में कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे, जिनमें:
-
डॉ. रमेश चंद, सुखचंद फौजी, डॉ. मातादीन बिसारिया, गोपी भाई
-
सेवादार अमर सिंह, मोहनलाल, सरदार जसपाल सिंह, राजेंद्र फौजी तिलकपुर
-
बृजलाल सैनी, प्यारे लाल, बिजन मीणा, महंत फलाहारी दास
-
नारनौल खुर्द ग्राम पंचायत से सरपंच पद के उम्मीदवार रामबीर डांगी, राजेश चौधरी, रघुवीर गुर्जर, सरजीत फौजी, जगदीश चौधरी, दीपक जाट और नरेश जाट प्रमुख रूप से शामिल रहे।
समारोह के दौरान आश्रम समिति की ओर से खोहरा मलावली की नवनिर्वाचित सरपंच शीला कुमारी और नंदराम वकील का तिलक लगाकर व माला पहनाकर स्वागत किया गया। इस दो दिवसीय आयोजन से पूरे क्षेत्र में आध्यात्मिक उल्लास और भव्यता का माहौल बना रहा।

