गांवों की सरकार के लिए पहले चरण का रण समाप्त: मतदान के दौरान झड़प और हंगामे के बीच देर रात आए नतीजे, अब दूसरे चरण का घमासान तेज
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
अलवर जिले में 'गांवों की सरकार' चुनने के लिए चल रहे त्रिस्तरीय पंचायतीराज चुनावों के पहले चरण का रोमांचक और उतार-चढ़ाव भरा दौर पूरा हो चुका है! मतदान संपन्न होने के बाद शनिवार देर रात्रि तक आए चुनाव परिणामों ने कई जगह सियासी समीकरण बदल दिए। हालांकि, पहले चरण के मतदान के दौरान कुछ बूथों पर छिटपुट झड़पों और मतगणना के समय हंगामे की गरमा-गरम खबरें भी सामने आईं, जिसने चुनावी सरगर्मी को और तेज कर दिया है।
बैलेट पेपर से हुआ मतदान, पहले वार्ड पंच फिर आए सरपंच के नतीजे
इस बार के पंचायतीराज चुनावों में ईवीएम के बजाय पारंपरिक बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया गया। मतदाताओं को मतदान केंद्र पर दो अलग-अलग मतपत्र दिए गए—पहला सरपंच पद के लिए और दूसरा वार्ड पंच के चुनाव के लिए। मतदान खत्म होते ही ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर कड़ी सुरक्षा के बीच मतगणना शुरू हुई, जिसमें सबसे पहले वार्ड पंच और उसके बाद बहुप्रतीक्षित सरपंच पद के परिणाम घोषित किए गए। कई ग्राम पंचायतों में पंच और उपसरपंच का निर्विरोध निर्वाचन भी देखने को मिला।
रविवार को चुने गए उपसरपंच
परिणाम घोषित होने के ठीक बाद रविवार को उपसरपंच पद के चुनाव संपन्न हुए। नियम के मुताबिक, आम मतदाताओं ने इसमें सीधे वोट नहीं डाला, बल्कि ग्राम पंचायत के नवनिर्वाचित वार्ड पंचों ने आपस में मिलकर अपने क्षेत्र के उपसरपंच का चयन किया।
अब दूसरे चरण की बारी: जानें पूरा शेड्यूल
पहले चरण के मतदान और नतीजों के बाद अब जिला प्रशासन और प्रत्याशी दूसरे चरण की जंग की तैयारियों में जुट गए हैं। दूसरे चरण के तहत निर्धारित पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों में नए समीकरणों के साथ मुकाबला होगा:
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जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्य: 28 अक्टूबर को होगा मतदान।
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सरपंच और वार्ड पंच: 30 अक्टूबर को डाले जाएंगे वोट।
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उपसरपंच चुनाव: 31 अक्टूबर को होगा उपसरपंच का चयन।
प्रशासन ने दूसरे चरण के चुनावों को शांतिपूर्ण और निष्पक्ष ढंग से संपन्न कराने के लिए कमर कस ली है, वहीं प्रत्याशियों ने गांवों में जनसंपर्क और तेज कर दिया है।

