"अस्पताल रूपबास में ही बने!" चैकोरा में भूमि आवंटन के विरोध में लामबंद हुए जनप्रतिनिधि और जनता
रूपबास (भरतपुर) कोशलेन्द्र दत्तात्रेय : उप-जिला चिकित्सालय के लिए ग्राम पंचायत चैकोरा के 'देवीया के नगला' में भूमि आवंटित किए जाने के विरोध में जनआक्रोश थमने का नाम नहीं ले रहा है। राज्य सरकार के इस निर्णय के खिलाफ उपखंड कार्यालय के समक्ष चल रहा धरना-प्रदर्शन बुधवार को छठवें दिन भी जारी रहा। धरने की अध्यक्षता पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा ने की, जबकि मुख्य अतिथि पूर्व प्रधान रविंद्र सिंह परमार रहे।
रूपबास में ही बने अस्पताल, बीहड़ का निर्णय मंजूर नहीं: धरने को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि पूर्व प्रधान रविंद्र सिंह परमार ने कहा कि जब सरकार ने उप-जिला अस्पताल रूपबास के लिए स्वीकृत किया है, तो इसका भवन भी रूपबास शहर में ही बनना चाहिए। जनता और जनप्रतिनिधियों को यह गलत आवंटन किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं है। क्रेशर संघ के अध्यक्ष अमर सिंह अंधाना ने संघर्ष समिति को अपना पूर्ण समर्थन देते हुए मामले को मुख्यमंत्री के समक्ष उठाने की बात कही।
20 ग्राम पंचायतों में भारी रोष, आवागमन का कोई साधन नहीं: अखिल राजस्थान जन विकास मंच के प्रदेश अध्यक्ष हरिशंकर शर्मा ने बताया कि चैकोरा में चिन्हित भूमि शहर से करीब 5 किलोमीटर दूर बीहड़ क्षेत्र में है, जहाँ आवागमन के कोई साधन उपलब्ध नहीं हैं। इससे लगभग 20 ग्राम पंचायतों के निवासियों में भारी आक्रोश व्याप्त है।
सामने कचरा डंपिंग यार्ड, पीछे खदानें — कैसे होगा इलाज? संयोजक धीरज शुक्ला (एडवोकेट) ने प्रशासनिक लापरवाही पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि जिस स्थान पर अस्पताल बनाने की तैयारी है, उसके ठीक सामने कचरा डंपिंग यार्ड है और पीछे खनन क्षेत्र है। 24 घंटे धूल और धुएं से फैलने वाले वायु संक्रमण के बीच मरीजों का इलाज कैसे संभव होगा? यह स्थान बुजुर्गों, बच्चों और गर्भवती महिलाओं के लिए बेहद परेशानी भरा साबित होगा।
स्थानीय नेताओं व पार्षदों ने एक स्वर में की निंदा: धरना स्थल पर मौजूद पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञानेश शर्मा, सहसंयोजक अरुण परमार, ओमकार शुक्ला, प्रमोद शर्मा, पंडित ओमप्रकाश शास्त्री, मुकेश बंसल, माया देवी, चौधरी बलबीर सिंह, राजेश गोयल, प्रशांत बंसल, रमेश कोली, प्रेमकांत कटारा, संजय बुटोलिया, सतवीर सिंह किरार, कृष्ण गोपाल दत्तात्रेय, पार्षद गोविंद सिंह परमार, प्रताप सिंह किरार, कुबेर सिंह राजावत, रवि रघुवंशी और महेंद्र सिंह शर्मा सहित कई वक्ताओं ने सरकार के इस फैसले की कड़े शब्दों में निंदा की। सभी ने एक स्वर में माँग की कि चैकोरा के आवंटन को तुरंत निरस्त कर उप-जिला अस्पताल का निर्माण रूपबास शहर में ही कराया जाए।

