भरतपुर :जिला कलक्टर ने अधिकारियों की टीम के साथ जलभराव एवं क्षतिग्रस्त सड़कों का लिया जायजा
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय) 02 सितम्बर। जिला कलक्टर कमर चौधरी ने मंगलवार को सेवर ब्लॉक के पीरनगर, पीपला से लेकर जघीना के आसपास गांवों में जल भराव, फसलों में हुए नुकसान एवं क्षतिग्रस्त सड़कों का अधिकारियों की टीम के साथ जायजा लिया तथा ग्रामीणों से रूबरू हुए।
जिला कलक्टर ने भरतपुर विकास प्राधिकरण, पंचायत राज विभाग, सार्वजनिक निर्माण विभाग, नगर निगम एवं जल संसाधन विभाग के अधिकारियों की टीम के साथ विभिन्न क्षेत्रों का दौरा किया तथा खेतों में जल भराव से फसलों में हुए नुकसान का मौका निरीक्षण कर किसानों से भारी वर्षा से हुए नुकसान के बारे में फीडबैक लिया। उन्होंने जघीना के आसपास खेतों में जमा पानी का अवलोकन कर जल संसाधन विभाग को पानी निकासी के लिए तकमीना के अनुसार कार्य को गति देने के निर्देश दिए। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को क्षेत्र में वर्षा के कारण क्षतिग्रस्त हुई सड़कों पर रोड रेस्टोरेशन का कार्य शीघ्रता से करने तथा सड़कों के गड्डों को शीघ्र दुरुस्त कराने के निर्देश दिए। उन्होंने नगर निगम एवं बीडीए के अधिकारियों को नगरीय सीमा में क्षतिग्रस्त सड़कों के रिपेयर कार्य को शुरू करने, विभिन्न आवासीय क्षेत्र में जल भराव की निकासी के लिए अतिरिक्त पंपसेट लगाने के निर्देश दिए।
उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को जघीना-रीको रोड़ पर जल भराव क्षेत्र में पानी निकासी करते हुए शीघ्र रोड रेस्टोरेशन करवाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि रीको आरओबी के प्रगति रथ कार्य के दौरान भारी वाहन की निकासी में असुविधा नहीं हो इसके लिए वैकल्पिक मार्गांे पर गुणवत्ता के साथ रोड रेस्टोरेशन कराया जाए। जिससे आमजन एवं वाहनों के आवागमन में परेशानी नहीं हो। उन्होंने जघीना में वर्षा जल एकत्रित होने से खेतों में जमा पानी की निकासी के बारे में ग्रामीणों से भी चर्चा कर परंपरागत जल निकासी के वैकल्पिक मार्गों की चर्चा की तथा राज्य सरकार द्वारा नहर के माध्यम से पानी निकासी के लिए स्वीकृत कार्य के बारे में जानकारी साझा की।
इस दौरान भरतपुर विकास प्राधिकरण के आयुक्त कनिष्क कटारिया, सीईओ जिला परिषद मृदुल सिंह, उपखंड अधिकारी राजीव शर्मा, एसीईओ जिला परिषद विनय मित्र, नगर निगम के सचिव विजय प्रताप, सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता वृद्धि चंद मीणा, अधिशासी अभियंता महेश शर्मा सहित जल संसाधन एवं संबंधित विभागों के अभियंता उपस्थित रहे।