जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक आयोजित
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर संवेदनशील है सरकार, बेहतर चिकित्सीय व्यवस्थाएं करें सुनिश्चित - प्रियंका गोस्वामी
कोटपूतली-बहरोड़, (भारत कुमार शर्मा) जिला कलेक्टर प्रियंका गोस्वामी ने कहा कि आमजन को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने के लिए संवेदनशीलता और समन्वय से कार्य करें. जिला कलेक्टर बुधवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्वास्थ्य समिति की बैठक में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित कर रही थी.
जिला कलक्टर ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में गठित राज्य सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर एवं संवेदनशील है। इस मामले में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर एवं सुदृढ़ बनाने के लिए अधिकारीगण नियमित रूप से स्वास्थ्य केंद्रों की मोनिटरिंग करें और योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन करवाएं।
जिला कलेक्टर ने कहा कि मौसमी बीमारियों को लेकर गंभीरता बरती जाए और नियमित रूप से एंटी लार्वा गतिविधियां करें। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में जहां भी पानी ठहरा हुआ है, वहां संबंधित पालिका एवं परिषद से संपर्क कर आवश्यक दवा का छिड़काव एवं फॉगिंग करवाएं । जिला अस्पताल में पर्याप्त व्यवस्था रखें। आमजन को व्यापक रूप से जागरूक करें।
उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी यह सुनिश्चित करें कि आमजन को सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर किसी तरह की कोई परेशानी न हो। किसी कार्मिक की लापरवाही से स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित नहीं होनी चाहिए. उन्होंने कहा कि बीसीएमओ व संस्थान प्रभारी अधिकारी की जिम्मेदारी बनती है कि आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिलें।
उन्होंने निर्देश दिए कि ओपीडी समय में चिकित्सक अपने कक्ष में ही मिलें ताकि मरीजों को इंतजार न करना पड़े। आयुष्मान आरोग्य योजना पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि जो संस्थान कम पैकेज बुक कर रहे हैं, वे सुधार करें। जेएसवाई व आरएसवाई की समीक्षा करते हुए जिला कलक्टर ने कहा कि गर्भवती महिलाओं लाभार्थियों के अकाउंट नंबर व अन्य दस्तावेज लें एवं सभी को लाभान्वित करवाएं। विभागीय स्तर पर इन योजनाओं में किसी का भुगतान लंबित नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए| दवा वितरण केन्द्र समय पर खोलने के लिए पाबंद किया जाए।
जिला कलक्टर ने मुख्यमंत्री निःशुल्क जांच और दवा योजना की समीक्षा करते हुए कहा कि जांच एवं दवा के अभाव में मरीज को परेशानी न हो। संस्थागत प्रसव के मामले में उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि स्टाफ नियमित रूप से केंद्र पर ठहरें और संस्थागत प्रसव को अधिक से अधिक बढ़ावा दें । बैठक में परिवार कल्याण कार्यक्रम, मौसमी बीमारियों, मां वाउचर योजना, पीसीटीएस ओडीके एप, गुड सेमेरिटियन, टीकाकरण, एनीमिया, पीसीपीएनडीटी , आरबीएसके व अन्य स्वास्थ्य सेवाओं पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि चिकित्सा विभाग द्वारा निर्धारित सभी मानकों पर एकरूपता के साथ ध्यान रखकर कार्य किया जाए। शहरी आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर सभी प्रकार के जॉचों के लिए किट उपलब्ध करवाए गए है। इन चिकित्सालयों पर निःशुल्क दवा एवं जांच की सुविधा उपलब्धता के निर्देश प्रदान किए गए।
सीएमएचओ डॉ. आशीष सिंह शेखावत ने एनक्यूआस के तहत चिकित्सा संस्थानों को तैयार करने के लिए निर्देश प्रदान किए। उन्होंने कहा कि परिवार कल्याण के क्षेत्र में हाई डिलेवरी वाले चिकित्सा संस्थान ज्यादा से ज्यादा प्रसूताओं की सहमति प्राप्त कर पीपीआईयूसीडी लगाना सुनिश्चित करें जिससे अनचाहे गर्भधारण से महिला को बचाया जा सके। परिवार कल्याण के अन्य घटकों में आवश्यक सुधार के लिए पाबन्द किया गया।
इस दौरान जिला नोडल अधिकारी रविकांत जांगिड़ ने पीपीटी की माध्यम से संस्थावर जानकारी प्रदान की. इस दौरान स्टेट प्रोग्राम लीड डॉ. मोलश्री राठौड़, पीएमओ डॉ. चैतन्य रावत और डॉ. सुरेश यादव, सहित अन्य बीसीएमओ डीपीएम डीएनओ और सीएचसी प्रभारी अधिकारी मौजूद रहे।


