मादा श्र्वान का आतंक, मादा श्र्वान ने विधालय के विधार्थी, शिक्षक और ग्रामीणों सहित 27 को काटा
वैर भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)
हलैना कस्बे में स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय और राजकीय संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालय में पिछले दो महीनों से एक आवारा मादा श्र्वान ने आतंक मचा रखा है। इस मादा श्र्वान ने 18 बच्चों और 2 शिक्षकों को काट लिया है, जिनमें से कुछ का इलाज चल रहा है। इसके अलावा, गांव के 7 लोगों को भी मादा श्र्वान ने काटा है। कुल मादा श्र्वान 27 लोगों को काट चुकी है। विधालय में अध्यनरत विधार्थी इतने सहमे हुए हैं कि कई विधार्थियों ने मादा श्र्वान के डर के कारण स्कूल आना कम कर दिया है। शिक्षकों के अनुसार यह मादा श्र्वान शुरू में शांत था और किसी पर हमला नहीं करता था। मगर दीपावली की छुट्टियों के दौरान मादा श्र्वान ने विधालय परिसर में ही बच्चों को जन्म दे दिया। इसके बाद जैसे ही स्कूल फिर से खुले,मादा श्र्वान अपने बच्चों के पास आने वाले विधार्थियों पर हमला करने लगा। करीब एक महीने से यह मादा श्र्वान जैसे ही किसी विधार्थी को स्कूल परिसर में देखती है तो उन पर झपट पडती है। कक्षा पांचवीं के बादल, हिमांशु कक्षा छठवीं के संजू, गायत्री, रीमा कक्षा तीसरी के गुन्जन, खुशी कक्षा आठवीं के अभिषेक, दिगम्बर एवं कक्षा पहली की छात्रा निघी मादा श्र्वान के हमले का शिकार हो चुके हैं। 19 नवंम्बर को मादा श्र्वान ने राजकीय संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालय की अध्यापिका ज्ञानवती शर्मा को भी घायल कर दिया था। मादा श्र्वान के डर से विधार्थी भयभीत हो गए हैं तथा विद्यालय आने में डर महसूस कर रहे हैं। जिससे विधार्थियों की उपस्थिति लगातार घट रही है। मादा श्र्वान के लगातार हमलों ने न केवल विधार्थियों को बल्कि अभिभावकों को भी चिंता में डाल दिया है। विद्यालय प्रशासन, प्रशासन से लगातार मदद की मांग कर रहा है ताकि विद्यार्थियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
राजकीय संस्कृत उच्च प्राथमिक विद्यालय के संस्था प्रधान भागचंद मीणा ने बताया कि दोनों विद्यालय के बीच में मादा श्र्वान रहती है.यह दोनों विद्यालय के बच्चे,शिक्षक और ग्रामीणों सहित 27 लोगों को काट चुकी है.स्कूल के शिक्षकों और ग्रामीणों ने स्थानीय प्रशासन और वन विभाग को इस समस्या के बारे में सूचित किया है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। वह बच्चों और शिक्षकों पर हमला कर रही है।इससे शिक्षकों और बच्चों में भय का माहौल है। उन्होंने बताया कि उन्होंने टोल फ्री नंबर 181 पर शिकायत की है, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है।