दिनदहाड़े छात्र की गोलियों से भूनकर हत्या, कैंपस बना जंग का मैदान
वाराणसी: (शशि जायसवाल) धर्म और शिक्षा की नगरी काशी शुक्रवार को गोलियों की तड़तड़ाहट से थर्रा उठी। वाराणसी के प्रतिष्ठित उदय प्रताप (UP) कॉलेज में शुक्रवार सुबह करीब 10:30 बजे बीएससी द्वितीय वर्ष के छात्र सूर्य प्रताप सिंह की सरेआम गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोपी छात्र मंजीत चौहान ने प्रिंसिपल ऑफिस के पास विवाद के दौरान ताबड़तोड़ 4 से 8 राउंड फायरिंग की और पिस्टल फेंककर छत से कूदकर फरार हो गया।
चेचक से ठीक होकर 20 दिन बाद कॉलेज लौटा था सूर्य
गाजीपुर का रहने वाला 23 वर्षीय सूर्य प्रताप सिंह करीब 20 दिनों बाद बीमारी (चेचक) से उबरकर कॉलेज पहुँचा था। उसके पिता ऋषि देव सिंह एक स्कूल में ड्राइवर हैं और माँ किरण सिंह सहायिका। इकलौते बेटे की मौत की खबर सुनते ही बीएचयू ट्रॉमा सेंटर पहुँची माँ शव देखकर बेसुध हो गईं।
विवाद, प्रिंसिपल की मौजूदगी और सनसनीखेज वारदात
प्रत्यक्षदर्शियों और साथी छात्रों के अनुसार, सुबह सूर्य प्रताप और बीए द्वितीय वर्ष के छात्र मंजीत चौहान के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। मामला बढ़ने पर प्रिंसिपल ने दोनों को बुलाया। छात्रों का गंभीर आरोप है कि प्रिंसिपल ने सबके सामने सूर्य को फटकार लगाई, इसी बीच मंजीत ने पिस्टल निकालकर सूर्य के सिर, सीने और पेट में गोलियाँ उतार दीं। वारदात के बाद कैंपस में भगदड़ मच गई।
कैंपस में बवाल: पत्थरबाजी और 150+ दुकानें बंद
हत्या के बाद छात्रों का गुस्सा फूट पड़ा। आक्रोशित छात्रों ने कॉलेज परिसर में कुर्सियां तोड़ीं और सड़क पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पथराव और तोड़फोड़ की घटनाएं भी हुईं, जिसके बाद पुलिस ने एहतियातन इलाके की 150 से ज्यादा दुकानें बंद करवा दीं। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए 7 थानों की फोर्स और पीएसी तैनात की गई है।
सोशल मीडिया पर 'बागी' तेवर और पुलिस की कार्रवाई
आरोपी मंजीत चौहान (निवासी चांदमारी) फिलहाल फरार है। पुलिस ने उसके इंस्टाग्राम प्रोफाइल की जांच की है, जिसमें उसने 3 दिन पहले ही लिखा था— "हम बागी रहेंगे उन महफिलों में, जहाँ शोहरत तलवे चाटने से मिलती है।" पुलिस कमिश्नर मोहित अग्रवाल और डीआईजी शिवहरी मीणा ने मौके पर पहुँचकर छात्रों को शांत कराया।
मोहित अग्रवाल, पुलिस कमिश्नर का कहना है कि- सीसीटीवी फुटेज और डीवीआर कब्जे में ले लिए गए हैं। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए 6 टीमें गठित की गई हैं। प्रिंसिपल की भूमिका पर छात्रों के आरोपों की भी लिखित शिकायत के आधार पर जांच की जाएगी।"