भरतपुर स्टेशन रोड के लिए 'अल्टरनेट रूट' का फॉर्मूला, बच सकती हैं सैकड़ों दुकानें और व्यापारिक प्रतिष्ठान
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय) 12 मार्च। समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने भरतपुर शहर में प्रस्तावित रेलवे स्टेशन रोड के चौड़ीकरण को लेकर मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर महत्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। उन्होंने अपने पत्र में भरतपुर विकास प्राधिकरण (BDA) द्वारा रेडक्रॉस सर्कल से रेलवे स्टेशन तक प्रस्तावित 6 लेन सड़क के स्थान पर 4 लेन सड़क बनाने का सुझाव दिया है, ताकि क्षेत्र के व्यापारियों और स्थानीय संस्थानों को अनावश्यक नुकसान से बचाया जा सके।
गुप्ता ने अपने पत्र में उल्लेख किया है कि वर्तमान में भरतपुर विकास प्राधिकरण द्वारा रेडक्रॉस सर्कल से रेलवे स्टेशन तक की सड़क को 6 लेन में परिवर्तित करने की प्रक्रिया चल रही है। यदि इस सड़क का इतना अधिक चौड़ीकरण किया जाता है, तो इसके आसपास स्थित कई व्यापारिक प्रतिष्ठानों और दुकानों को नुकसान होने की संभावना है। इससे स्थानीय व्यापारियों और आम नागरिकों को आर्थिक व सामाजिक परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
उन्होंने सुझाव दिया कि यदि रेलवे स्टेशन के पास स्थित दलवीर सिंह की भूमि, जिसका अधिग्रहण बीडीए द्वारा किया गया है, से लेकर सेक्टर-3 स्थित राज गार्डन तक एक नई वैकल्पिक सड़क का निर्माण कर दिया जाए, तो रेलवे स्टेशन आने-जाने वाले लोगों के लिए एक अतिरिक्त मार्ग उपलब्ध हो जाएगा। इस नई सड़क के बनने से रेडक्रॉस सर्कल से स्टेशन रोड पर यातायात का दबाव काफी कम हो जाएगा।
गुप्ता ने कहा कि जब स्टेशन तक पहुंचने के लिए सेक्टर-3 के माध्यम से एक वैकल्पिक मार्ग उपलब्ध होगा, तो रेडक्रॉस सर्कल से रेलवे स्टेशन तक की सड़क को 6 लेन में परिवर्तित करने की आवश्यकता नहीं रहेगी। ऐसी स्थिति में इस मार्ग को 4 लेन में ही विकसित किया जा सकता है, जिससे सड़क के चौड़ीकरण के कारण होने वाली तोड़फोड़ से व्यापारिक संस्थानों को बचाया जा सकेगा।
अपने पत्र में उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी नए विकास प्रोजेक्ट को शुरू करने से पहले भरतपुर विकास प्राधिकरण को यह अवश्य आकलन करना चाहिए कि उस प्रोजेक्ट से आम जनता, व्यापारियों और स्थानीय निवासियों को कितना नुकसान हो सकता है। यदि परियोजना के कारण अनावश्यक नुकसान की संभावना हो, तो उसके विकल्पों पर भी गंभीरता से विचार किया जाना चाहिए।
गुप्ता के अनुसार रेलवे स्टेशन रोड को 6 लेन बनाने से यातायात का दबाव बहुत अधिक बढ़ने की संभावना नहीं है, क्योंकि मुख्यतः दिल्ली की ओर से आने-जाने वाले वाहन ही इस मार्ग का उपयोग करेंगे। जबकि शहर के अधिकांश लोगों के लिए सेक्टर-3 के रास्ते से रेलवे स्टेशन तक पहुंचने का एक नया और सुविधाजनक मार्ग उपलब्ध हो सकता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करते हुए ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे शहर का विकास भी हो और स्थानीय व्यापारियों व नागरिकों के हितों की भी रक्षा हो सके।