46 डिग्री की आग उगलती गर्मी और चारों ओर धूनी: रसगन गांव में संत बालकादेवाचार्य की कठिन तपस्या देख नतमस्तक हुए श्रद्धालु
मुंडावर (खैरथल/देवराज मीणा )। मुंडावर क्षेत्र के रसगन गांव में इन दिनों भक्ति और कठोर साधना का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। चिलचिलाती धूप और 46 डिग्री की भीषण गर्मी के बीच श्रीमद् जगतगुरु बालकादेवाचार्य जी महाराज द्वारा की जा रही 41 दिवसीय दिव्य धूनी तपस्या श्रद्धालुओं के लिए गहरी आस्था का केंद्र बनी हुई है। रविवार को तपस्या के 27वें दिन धाम पर श्रद्धालुओं का भारी सैलाब उमड़ा।
- कठोर साधना और आत्मबल का उदाहरण:
जहां एक ओर भीषण गर्मी और लू के चलते आम जनजीवन ठप पड़ा है और लोग कूलर-एसी का सहारा ले रहे हैं, वहीं महाराज श्री जलती हुई धूनी के बीच बैठकर निरंतर साधना में लीन हैं। महाराज की यह साधना सनातन धर्म, त्याग और अपार आत्मबल का जीवंत उदाहरण पेश कर रही है। तपस्या के 27वें दिन भी महाराज के चेहरे पर वही तेज और शांति दिखाई दी, जिसने दूर-दराज से आए लोगों को अचंभित कर दिया।
- क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण:
तपस्या स्थल पर आध्यात्मिक ऊर्जा का ऐसा संचार है कि मुंडावर सहित आसपास के दर्जनों गांवों से लोग आशीर्वाद लेने पहुंच रहे हैं। भक्तों का मानना है कि इस भीषण मौसम में ऐसी साधना केवल उच्च कोटि के संत ही कर सकते हैं। इस अनुष्ठान के चलते पूरे रसगन क्षेत्र में उत्सव जैसा माहौल है और लगातार भजनों व धार्मिक चर्चाओं का दौर जारी है।
महाराज श्री के दर्शन के लिए सुबह से ही कतारें लग जाती हैं। श्रद्धालु यहाँ पहुँचकर न केवल आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं, बल्कि इस महान धार्मिक अनुष्ठान का हिस्सा बनकर स्वयं को धन्य महसूस कर रहे हैं। 27वें दिन भी श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या ने प्रशासन और आयोजकों का ध्यान आकर्षित किया है।


