रसोई गैस और तेल के बढ़ते दामों ने तोड़ी आमजन की कमर; भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने सरकार की जनविरोधी नीतियों की घोर निंदा की
राजगढ़ (अलवर/ अनिल गुप्ता)। भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, राजगढ़ (अलवर) ने केंद्र सरकार द्वारा रसोई गैस और पेट्रोलियम पदार्थों की कीमतों में की गई बेतहाशा वृद्धि के खिलाफ कड़ा रोष व्यक्त किया है। पार्टी सचिव एडवोकेट मनोज बोहरा ने एक विज्ञप्ति जारी कर सरकार के इस कदम को आम जनता के साथ खुली लूट करार दिया है।
- जनता पर महंगाई का प्रहार:
भाकपा ने बताया कि 1 मई से गैस सिलेंडरों के दामों में हुई भारी वृद्धि से आम आदमी सकते में है। न केवल कमर्शियल बल्कि घरेलू और 5 किलो वाले छोटे सिलेंडर भी महंगे कर दिए गए हैं। एक तरफ सरकार देश में गैस की किल्लत न होने का दावा करती है, वहीं दूसरी तरफ दाम बढ़ाकर आमजन के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा कर रही है।
- सस्ते क्रूड ऑयल का लाभ जनता को नहीं:
विज्ञप्ति में सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा गया है कि कोरोना काल और रूस-यूक्रेन युद्ध के दौरान अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चा तेल (क्रूड ऑयल) काफी रियायती दरों पर उपलब्ध था। रूस से सस्ता तेल खरीदकर रिफाइनरियों ने उसे फिल्टर कर विदेशों में तो सस्ते दामों पर बेचा, लेकिन देश की जनता को इसका कोई लाभ नहीं दिया गया। सरकार और पेट्रो कंपनियां आमजन की जेब से लाखों-करोड़ रुपये कमा रही हैं।
- पूंजीपतियों का साथ और जनता की अनदेखी:
पार्टी ने सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाते हुए कहा कि एक ओर बड़े पूंजीपतियों के लाखों-करोड़ रुपये के कर्ज माफ किए जा रहे हैं, वहीं दूसरी ओर रिकॉर्ड जीएसटी संग्रहण के बावजूद गरीब और मध्यम वर्ग को कोई राहत नहीं मिल रही है। विज्ञप्ति में कहा गया है कि जनता महंगाई और बेरोजगारी से त्रस्त है, जबकि सरकार मंदिर-मस्जिद जैसे भावनात्मक मुद्दों में मस्त है।
भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी सरकार से पुरजोर मांग करती है कि रसोई गैस और पेट्रोलियम पदार्थों पर बढ़ाए गए दामों को तुरंत वापस लिया जाए। जनता अब सरकार की मंशा को समझ चुकी है और इस आर्थिक शोषण को बर्दाश्त नहीं करेगी।


