भरतपुर की धरोहर: गंगा मंदिर के नवीनीकरण से पुनर्जीवित होगी भरतपुर की सांस्कृतिक विरासत; 40 वर्षों से बंद ऐतिहासिक घड़ी को पुनः चालू करने का सुझाव
भरतपुर (विष्णु मित्तल) समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने आस्था और ऐतिहासिक विरासत के प्रमुख केंद्र गंगा मंदिर के नवीनीकरण कार्य प्रारंभ होने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने इस पहल को शहर की प्राचीन धरोहरों के संरक्षण और भरतपुर की सांस्कृतिक पहचान को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक अत्यंत सराहनीय कदम बताया।
- 40 साल से मौन घड़ी फिर देगी समय का संकेत:
सीताराम गुप्ता ने सुझाव दिया कि मंदिर में स्थापित वह ऐतिहासिक घड़ी, जो पिछले 40 वर्षों से बंद पड़ी है, उसे पुनः चालू किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि पूर्व में इस घड़ी के घंटे की गूँज करीब एक किलोमीटर तक सुनाई देती थी, जो शहरवासियों के लिए समय का मुख्य संकेत हुआ करती थी। उन्होंने आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ घड़ी निर्माताओं की सहायता से इसके आवश्यक पुर्जे तैयार करवाकर इसे फिर से क्रियाशील करने का आग्रह किया है।
- संरचनात्मक मजबूती और सुरक्षा पर ध्यान:
मंदिर परिसर की वर्तमान स्थिति पर चर्चा करते हुए गुप्ता ने कहा कि मंदिर का आहाता पारंपरिक मिट्टी से निर्मित है, जिसमें आधुनिक मजबूती का अभाव है। सुरक्षा के लिए दुकानों में लगाई गई पुरानी लोहे की गार्डरें समय के साथ जर्जर हो चुकी हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि नवीनीकरण के दौरान इन पुरानी गार्डरों को हटाकर उनके स्थान पर पक्की और मजबूत दीवारों का निर्माण कराया जाए, ताकि मंदिर की संरचनात्मक गरिमा और सुरक्षा बनी रहे।
गुप्ता के अनुसार, गंगा मंदिर केवल एक धार्मिक स्थल नहीं बल्कि भरतपुर की परंपरा का प्रतीक है। इसका सुव्यवस्थित विकास आने वाली पीढ़ियों को अपनी जड़ों और गौरवशाली इतिहास से जोड़ने का अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि इन सुधारों के बाद मंदिर की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक पहचान को नया जीवन मिलेगा।


