रामगढ़ :मानकी पहाड़ में अवैध ब्लास्टिंग का आतंक: खेत में काम कर रही बुजुर्ग महिला घायल, कलेक्टर से गुहार
रामगढ़ (अलवर) अमित भारद्वाज
रामगढ़। उपखंड क्षेत्र के ग्राम मानकी में पहाड़ों की तलहटी में चल रही लीजों में नियमों को ताक पर रखकर की जा रही अवैध और भारी ब्लास्टिंग अब ग्रामीणों की जान पर बन आई है। प्रशासन और सरकार के कड़े नियमों की धज्जियां उड़ाते हुए लीज धारकों की मनमानी के खिलाफ अब किसानों ने मोर्चा खोल दिया है।
भूकंप जैसा धमाका, खेतों में बरसे पत्थर
पीड़ित किसान रणजीत सिंह पुत्र ताराचंद (जाति अहीर) ने जिला कलेक्टर अलवर को प्रार्थना पत्र सौंपते हुए आपबीती सुनाई। रणजीत ने बताया कि बीते 10 मई को वह अपनी बुजुर्ग माताजी के साथ अपने खातेदारी खेत में कपास की बुवाई की तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान 'ग्रीन इंडिया प्राइवेट लिमिटेड' (लीज नंबर 401, 402) में अचानक इतना भीषण विस्फोट हुआ कि पूरी धरती हिल गई। विस्फोट की तीव्रता इतनी अधिक थी कि पहाड़ से बड़े-बड़े पत्थर उड़कर सीधे रणजीत के खेत में आ गिरे। एक भारी पत्थर खेत में काम कर रही रणजीत की बुजुर्ग मां के पैर पर जा गिरा, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई।
प्रशासन की चुप्पी पर सवाल
किसान का आरोप है कि लीज धारकों को यह भली-भांति ज्ञात है कि पास के खेतों में किसान काम करते हैं, फिर भी बिना किसी सुरक्षा चेतावनी या मानकों के भारी विस्फोट किए जा रहे हैं। रणजीत ने बताया:
"हमने पहले भी रामगढ़ उपखंड अधिकारी और पुलिस प्रशासन को शिकायत दी है, लेकिन लीज धारकों की दादागिरी के आगे प्रशासन नतमस्तक है। आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई, जिससे इनके हौसले बुलंद हैं।"
दब चुकी हैं कई मौतें!
आसपास के किसानों से बात करने पर चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि इन लीजों में पहले भी कई बड़े हादसे हो चुके हैं जिन्हें रसूख के दम पर दबा दिया गया।
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हालिया घटना: कुछ महीने पहले एक पोकलैंड मशीन चालक (निवासी बिहार) की खाई में गिरने से मौत हो गई थी। उसके शव को प्रशासन ने 9 दिन बाद गोताखोरों की मदद से बाहर निकाला था।
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ग्रामीणों का आरोप है कि खनन माफिया सुरक्षा नियमों को ताक पर रखकर कार्य कर रहे हैं और प्रशासन समय-समय पर जांच करने में विफल रहा है।
किसानों की मांग
पीड़ित परिवार और ग्रामीणों ने जिला कलेक्टर से मांग की है कि:
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अवैध और मानकों के विरुद्ध ब्लास्टिंग करने वाली लीज को तुरंत निरस्त किया जाए।
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दोषी लीज धारकों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई हो।
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घायल बुजुर्ग महिला को उचित मुआवजा दिलाया जाए।
अब देखना यह है कि जिला प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या कदम उठाता है या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जा रहा है।


