बेपटरी हुआ जनजीवन: जलभराव और कीचड़ से बदहाल हुई सड़कें, दैनिक मजदूरों के सामने रोजी-रोटी का संकट
लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में दो दिनों से लगातार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त, स्कूल जाने वाले बच्चों और मजदूरों की बढ़ी परेशानी
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
लक्ष्मणगढ़ उपखंड क्षेत्र एवं आसपास के ग्रामीण इलाकों में पिछले दो दिनों से हो रही रुक-रुक कर तेज बारिश ने आम जनजीवन की रफ्तार पर पूरी तरह ब्रेक लगा दिया है। लगातार बारिश और जगह-जगह जलभराव होने से स्कूली बच्चों, दैनिक मजदूरों, व्यापारियों और निकाय चुनाव के प्रत्याशियों को खासी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
स्कूली बच्चों और अभिभावकों की बढ़ी चिंता
सुबह के समय तेज बारिश होने के कारण बच्चों का स्कूल जाना दूभर हो गया है। ग्रामीण अंचलों की कच्ची और जर्जर सड़कों पर कीचड़ व जलभराव होने से पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
दैनिक मजदूरों पर मंडराया आर्थिक संकट
बारिश का सबसे बड़ा प्रहार रोज कमाकर खाने वाले दैनिक मजदूरों पर पड़ा है। भवन और सड़क निर्माण सहित अन्य मजदूरी के काम ठप पड़ गए हैं। काम बंद होने से मजदूरों के सामने परिवार के पालन-पोषण और रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।
बाजारों में पसरा सन्नाटा, जलभराव से रास्ते बंद
बारिश का असर स्थानीय बाजारों में भी साफ नजर आ रहा है। नए बस स्टैंड, मालाखेड़ा रोड, जालूकी रोड सहित कई संपर्क मार्गों पर जलभराव और कीचड़ जमा होने से पैदल चलने वालों और दोपहिया वाहन चालकों को काफी मशक्कत करनी पड़ रही है। बाजारों में ग्राहकों की आवाजाही घटने से छोटे दुकानदारों और फुटपाथ कारोबारियों का धंधा प्रभावित हुआ है।
किसानों की बढ़ी धड़कनें, चुनाव प्रचार की रफ्तार धीमी
आसमान में छाए बादलों और बारिश को देखकर क्षेत्रीय किसान सहमे हुए हैं। किसानों का कहना है कि यदि बारिश के साथ ओलावृष्टि होती है, तो खड़ी फसलों को भारी नुकसान पहुंचेगा। वहीं दूसरी ओर, लगातार बारिश के कारण नगरीय निकाय चुनाव में किस्मत आजमा रहे प्रत्याशियों का जनसंपर्क और घर-घर जाकर प्रचार करने का अभियान भी काफी हद तक प्रभावित हुआ है।

