खाद वितरण में पारदर्शिता के लिए नई व्यवस्था: जमीन के रकबे के हिसाब से तय होगा डिजिटल कोटा, QR कोड से होगी सप्लाई
कृषि मंत्रालय की नई नीति: किसान पहचान पत्र और आधार अनिवार्य, ऑनलाइन बुकिंग व QR कोड से मिलेगी रासायनिक खाद
नई दिल्ली / कमलेश जैन
भारतीय कृषि मंत्रालय ने रासायनिक खाद वितरण व्यवस्था को पारदर्शी बनाने और कालाबाजारी पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। नई नीति के तहत अब किसानों को रासायनिक खाद लेने के लिए 'किसान पहचान पत्र' और आधार कार्ड अनिवार्य रूप से उपलब्ध कराना होगा। इस नई डिजिटल व्यवस्था में किसान की कृषि योग्य भूमि के रकबे के आधार पर ही खाद का कोटा तय किया जाएगा।
बिना औपचारिकता के नहीं होगी ऑनलाइन बुकिंग
हिमफेड क्षेत्रीय कार्यालय के अनुसार, किसान पहचान पत्र और आधार के बिना खाद की ऑनलाइन बुकिंग और आपूर्ति प्रक्रिया पूरी नहीं हो सकेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कागजी औपचारिकताएं पूरी न होने पर किसानों को फसल के ऐन वक्त पर खाद प्राप्त करने में असुविधा का सामना करना पड़ सकता है।
QR कोड दिखाने पर मिलेगी खाद
नई व्यवस्था के तहत किसान मोबाइल एप्लीकेशन के जरिए अपनी आवश्यकतानुसार खाद की अग्रिम बुकिंग कर सकेंगे। बुकिंग पूरी होने पर किसान के मोबाइल पर एक डिजिटल QR कोड प्राप्त होगा। अधिकृत खाद विक्रय केंद्र पर यह कोड दिखाने के बाद ही खाद उपलब्ध कराई जाएगी।
ई-मित्र केंद्रों पर शुरू हुआ पंजीकरण
जिन किसानों ने अभी तक किसान पहचान पत्र नहीं बनवाया है, वे अपने नजदीकी ई-मित्र या सीएससी (CSC) केंद्र पर जाकर पंजीकरण करवा सकते हैं।
पंजीकरण के लिए आवश्यक दस्तावेज:
- आधार कार्ड
- जमीन के दस्तावेज (जमाबंदी या ताजा भू-अभिलेख)
- चालू (सक्रिय) मोबाइल नंबर
विभाग ने सभी किसानों से समय रहते यह डिजिटल प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि आगामी फसल सीजन में खाद की किल्लत या आवंटन में किसी प्रकार की बाधा न आए।

