आपात स्थिति से निपटने की मिली ट्रेनिंग: भरतपुर में NDRF ने सिखाए प्राथमिक उपचार, CPR और आग से बचाव के तरीके; फायर ड्रिल का भी हुआ प्रदर्शन
आपदा जोखिम न्यूनीकरण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए NDRF और जिला प्रशासन की पहल, बच्चों को दिखाए व्यावहारिक प्रदर्शन
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) की 6वीं बटालियन द्वारा जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट कमर चौधरी के निर्देशन तथा कमांडेंट सुरेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में स्थानीय एसडीएस (SDS) पब्लिक स्कूल में एक दिवसीय 'स्कूल सेफ्टी प्रोग्राम' का सफल आयोजन किया गया।
एनडीआरएफ टीम के निरीक्षक अजय सिंह ने बताया कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्कूली बच्चों और शिक्षकों को आपातकालीन परिस्थितियों में त्वरित, प्रभावी और सुरक्षित प्रतिक्रिया देने के लिए जागरूक एवं प्रशिक्षित करना था। इस दौरान विद्यार्थियों एवं विद्यालय स्टाफ को एनडीआरएफ की कार्यप्रणाली, आपदा प्रबंधन अधिनियम तथा प्राकृतिक व मानव निर्मित आपदाओं के समय अपनाए जाने वाले सुरक्षा उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई।
CPR से लेकर फायर ड्रिल तक का दिया गया व्यावहारिक प्रशिक्षण
विशेष प्रशिक्षण सत्र के दौरान एनडीआरएफ के विशेषज्ञों ने आपात स्थिति में जीवन बचाने की विभिन्न तकनीकों का व्यावहारिक प्रदर्शन किया। इसमें प्रमुख रूप से शामिल रहे:
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प्राथमिक उपचार: अत्यधिक रक्तस्राव नियंत्रण, सिर व आंख की गंभीर चोट का प्रबंधन, कंधे के अव्यवस्था का स्थिरीकरण और पेल्विक स्प्लिंटिंग।
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जीवन रक्षा तकनीक: वयस्क एवं शिशुओं के लिए सीपीआर (CPR), घायल व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर ले जाने के तरीके, इम्प्रोवाइज्ड स्ट्रेचर और फ्लोटेशन डिवाइस का प्रदर्शन।
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अग्नि सुरक्षा: आग के प्रकार, अग्निशामक यंत्रों (Fire Extinguishers) का सुरक्षित उपयोग तथा आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए लाइव फायर ड्रिल का आयोजन।
217 प्रतिभागियों ने लिया भाग
सुरक्षा एवं आपदा प्रबंधन पर आधारित इस महत्वपूर्ण कार्यशाला में विद्यालय के प्रधानाचार्य प्रदीप कुमार शर्मा, 14 शिक्षक व स्टाफ सदस्य तथा 203 छात्र-छात्राओं सहित कुल 217 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और जीवन रक्षक कौशल सीखे।

