प्रारंभिक बाल शिक्षा को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से भरतपुर में शुरू हुआ प्रशिक्षण अभियान, चरणबद्ध रूप से जिलेभर में होगा आयोजन
भरतपुर(कोश्लेंद्र दत्तात्रेय)। महिला एवं बाल विकास विभाग (ICDS) तथा जिला प्रशासन के सहयोग से 'रॉकेट लर्निंग' संस्था द्वारा जिले की आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के क्षमता विकास एवं प्रारंभिक बाल शिक्षा को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। प्रशिक्षण का पहला सत्र भरतपुर शहर के नदिया मोहल्ला सेक्टर में आयोजित हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया।
सत्र को संबोधित करते हुए महिला एवं बाल विकास विभाग के उपनिदेशक सिकरामाराम चोयल ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता प्रशिक्षण में प्राप्त ज्ञान व नवाचारों को अपने केंद्रों पर प्रभावी रूप से लागू करें। उन्होंने खेल एवं गतिविधि-आधारित शिक्षण पद्धति के माध्यम से बच्चों के सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित करने का आह्वान किया।
राजस्थान के सभी 41 जिलों में कार्य कर रही है संस्था
रॉकेट लर्निंग की जिला समन्वयक प्राची चौधरी ने बताया कि संस्था महिला एवं बाल विकास विभाग के सहयोग से राजस्थान के सभी 41 जिलों में 'मिशन बुनियाद' के तहत पूर्व-प्रांभिक शिक्षा को सशक्त बना रही है। संस्था डिजिटल तकनीक और सामुदायिक सहभागिता के जरिए अभिभावकों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और विभागीय तंत्र के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर रही है। उन्होंने बताया कि इसी क्रम में आगामी दिनों में जिले की सभी परियोजनाओं में चरणबद्ध रूप से प्रशिक्षण आयोजित किए जाएंगे।
खेल-आधारित शिक्षण और व्यावहारिक अभ्यासों की दी जानकारी
प्रशिक्षण का संचालन रॉकेट लर्निंग के स्टेट अकादमिक एक्सपर्ट कुलदीप शर्मा ने किया। उन्होंने कार्यकर्ताओं को खेल-आधारित शिक्षण, शिक्षण-अधिगम सामग्री (TLM) के प्रभावी उपयोग, बच्चों के सामाजिक-भावनात्मक कौशल विकास, सुरक्षित शिक्षण वातावरण तथा पूर्व-प्राथमिक शिक्षा को प्रभावी बनाने के व्यावहारिक तरीकों की जानकारी दी। साथ ही समूह गतिविधियों और सहभागितापूर्ण अभ्यासों के माध्यम से व्यावहारिक समझ विकसित कराई गई।
इस अवसर पर महिला विकास अधिकारी मधु सक्सेना, महिला पर्यवेक्षक राजेश कुमारी सहित विभागीय अधिकारी एवं रॉकेट लर्निंग टीम के सदस्य उपस्थित रहे।

