भरतपुर में सामूहिक समारोहों के लिए कड़े नियम लागू: अब बिना लाइसेंस हलवाई से खाना बनवाना पड़ेगा भारी
भरतपुर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) जिले में शादी-विवाह और अन्य सामूहिक समारोहों के दौरान परोसे जाने वाले भोजन की गुणवत्ता में सुधार लाने और फूड पॉइजनिंग जैसी गंभीर घटनाओं पर रोक लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने सख्त कदम उठाए हैं। अब आयोजनों में भोजन बनाने वाले हलवाइयों और कैटरर्स के लिए लाइसेंस अनिवार्य कर दिया गया है।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. गौरव कपूर ने प्रेस वार्ता के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत बिना लाइसेंस के भोजन तैयार करने या उसकी आपूर्ति करने वाले सेवा प्रदाताओं पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। साथ ही बताया कि -
- लाइसेंस अनिवार्य: जिले के सभी हलवाइयों, कैटरर्स और भोज सेवा प्रदाताओं को खाद्य सुरक्षा अधिनियम के तहत लाइसेंस लेना होगा।
- कार्यक्रम की सूचना: किसी भी बड़े सामूहिक आयोजन की पूर्व सूचना खाद्य विभाग को देना अनिवार्य किया गया है।
- मैरिज होम संचालक होंगे जिम्मेदार: यदि किसी आयोजन स्थल पर बिना लाइसेंसधारी हलवाई से भोजन बनवाया जाता है, तो इसे गैरकानूनी माना जाएगा और इसकी सीधी जिम्मेदारी आयोजन स्थल (मैरिज होम या होटल) के संचालक की होगी।
- मौके पर होगी औचक जांच: खाद्य विभाग की टीमें सीधे विवाह स्थल पर पहुंचकर साफ-सफाई और भोजन की गुणवत्ता की बारीकी से जांच करेंगी। नियमों का उल्लंघन मिलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
प्रशासन ने आम जनता से भी अपील की है कि वे किसी भी समारोह में भोजन की व्यवस्था के लिए केवल लाइसेंसधारी और पंजीकृत कैटरर्स को ही प्राथमिकता दें, ताकि मेहमानों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो।

