गोविंदगढ़; सरकारी स्कूल मे शिक्षकों की कमी से आक्रोशित ग्रामीणों ने किया प्रदर्शन, अनिश्चितकालीन तालाबंदी की चेतावनी
गोविंदगढ़ (अलवर) ब्लॉक क्षेत्र के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय खेड़लीबहादुर में शिक्षकों की भारी कमी से आक्रोशित ग्रामीणों ने विद्यालय परिसर में एकत्र होकर उग्र प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि विद्यालय को क्रमोन्नत तो कर दिया गया, लेकिन पर्याप्त शिक्षक तैनात न किए जाने से बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है।
"IAS देने वाले गांव में शिक्षकों के लाले"
प्रदर्शन के दौरान ग्रामीण सरवन सिंह ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि खेड़लीबहादुर गांव ने क्षेत्र को पहला IAS अधिकारी (आकिब खान) दिया है। बड़े गर्व की बात है कि यहाँ के प्रतिभावान बच्चे देश के सर्वोच्च पदों तक पहुँचे हैं, लेकिन दुखद पहलू यह है कि आज प्रशासन इसी गाँव के स्कूल में शिक्षक तक उपलब्ध नहीं करा पा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब बच्चों को बुनियादी शिक्षा ही नहीं मिलेगी, तो वे आगे कैसे बढ़ेंगे?
टीसी कटवाकर दूसरे स्कूलों में भेजने को मजबूर अभिभावक
ग्रामीण खुर्शीद खान ने बताया कि पिछली सरकार के समय इस विद्यालय को 12वीं तक क्रमोन्नत किया गया था। इसके बाद से ही यहाँ अध्यापकों की संख्या में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई। इसका दुष्परिणाम यह हुआ कि पढ़ाई ठप होने के डर से अभिभावकों ने अपने बच्चों की टीसी (TC) कटवाकर गोविंदगढ़ और खेड़ामहम्मद के स्कूलों में दाखिला करा दिया।
इसी वजह से कभी छात्रों से भरे रहने वाले इस स्कूल में अब केवल 160 छात्र ही अध्यनरत रह गए हैं। इस विद्यालय पर खेड़लीबहादुर के अलावा मालीबास और पुरानी खेड़ी के बच्चे भी निर्भर हैं, जिन्हें अब मजबूरी में पैदल-पैदल दूर के स्कूलों में जाना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि इस समस्या को लेकर स्थानीय विधायक सुखवंत सिंह और गोविंदगढ़ उपखंड अधिकारी (SDO) को भी ज्ञापन दिया जा चुका है, लेकिन स्थाई समाधान नहीं निकला।
प्रशासन को सीधी चेतावनी: - ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि विद्यालय में शिक्षकों की कमी का स्थाई समाधान तुरंत नहीं किया गया, तो वे विद्यालय के मुख्य द्वार पर ताला लगाकर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर देंगे।
- वार्ता के बाद डेपुटेशन पर लगाए 3 शिक्षक और प्रिंसिपल
ग्रामीणों के विरोध-प्रदर्शन की सूचना मिलते ही मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (CBEO) विश्वजीत सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों से विस्तार से वार्ता की और उनकी मांगों को जायज ठहराया।
CBEO विश्वजीत सिंह ने बताया कि ग्रामीणों को शांत कराकर तात्कालिक राहत के तौर पर विद्यालय में एक प्रिंसिपल और तीन अध्यापकों को डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) पर लगा दिया गया है, ताकि बच्चों की पढ़ाई प्रभावित न हो। उन्होंने आश्वासन दिया कि उच्च अधिकारियों को स्थिति से अवगत कराकर जल्द ही स्थाई शिक्षकों की नियुक्ति करवाई जाएगी।

