एक ही सरपंच के शासनकाल में शुरू होने के बाद उसी के शासनकाल में खंडहर होने लगा कस्बा अलावडा़ की सीएचसी भवन
रामगढ़ (अलवर/राधेश्याम गेरा) रामगढ़ उपखण्ड क्षेत्र के कस्बा अलावडा में बना सीएचसी भवन भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री से बना होने के कारण महज सात साल में ही खंडहर होने लगा है।
इस भवन का निर्माण वर्ष 2017-18 में पीएचसी के लिए किया गया था। जिसे गांव की आबादी और आसपास गांव में कंही भी पीएचसी नहीं होने के चलते ग्रामीणों की मांग पर तत्कालीन विधायक साफिया जुबेर खान ने सीएचसी में क्रमोन्नत करा वर्तमान सरपंच जुम्मा खान के शासनकाल शुरू होने के चार पांच माह बाद उद्घाटन किया था। और उन्ही के शासनकाल में खंडहर होने लगा है।
सीएचसी में वर्षों तक स्टाफ की कमी और जांच सुविधाएं उपलब्ध नहीं होने के कारण रोगियों को रामगढ़ अलवर रैफर कर दिया जाता रहा है। वर्तमान में सीएचसी में केवल तीन डाक्टर और प्रयाप्त स्टाफ तो है लेकिन सीएचसी होने के बावजूद कोई भी विशेषज्ञ डॉक्टर नहीं है।
सीएचसी में रोगियों के लिए पीने के पानी की व्यवस्था भी नहीं है और ना एक्स-रे मशीन और अन्य सीबीसी जांच संबंधी मशीन और उपकरण मौजूद हैं। ऊपर से सीएचसी भवन की दिवारों का जगह-जगह से प्लास्टर गिर कर और छत से लेंटर का मसाला गिरते हुए सातवें साल में ही सीएचसी भवन भ्रष्टाचार और घटिया सामग्री निर्माण के कारण अपनी हालत पर आंसू बहा रहा है। ऊपर से सीएचसी में बैठ उपचार करने वाले डाक्टर और स्टाफ पर भी हर समय खतरा बना रहता है। यदि विभाग ने समय रहते इस और ध्यान नहीं दिया तो कभी भी किसी स्टाफ कर्मी या रोगी पर छत का मसाला आ गिरा तो कुछ भी हो सकता है।
इस बारे में मुख्य ब्लाक चिकित्सा अधिकारी डॉ अमित राठोड़ से बात की तो उन्होंने बताया कि इस बारे में सीएचसी प्रभारी से बात हो गई है। भवन को बने हुए अभी ज्यादा समय नहीं हुआ है । हमने सीएचसी प्रभारी को निर्देशित किया है कि इसकी मरम्मत के लिए पीडब्ल्यूडी से स्टीमेट बनवाया जावे जिससे कि इसकी मरम्मत कराई जा सके।
सीएचसी प्रभारी डॉ के के नटवारिया ने बताया कि जंहा प्लास्टर गिरा है वह सीढ़ियों के पास और अनुपयोगी जगह है हमने यंहा जाना बंद कर दिया है। और इस बारे में उच्च अधिकारियों को अवगत करा दिया है और उनक निर्देशानुसार पीडब्ल्यूडी से मरम्मत कार्य के लिए स्टीमेट बनवाने को पत्र लिख दिया है।

