लक्ष्मणगढ़: योग और आयुर्वेद से निरोगी बनेगा भारत, स्कूल में विद्यार्थियों को दिया त्रिगुणों और योग विज्ञान का ज्ञान
विवेक भारतीय विद्यालय खोहरा में योग शिविर का आयोजन: शारीरिक व मानसिक स्वास्थ्य के लिए नियमित अभ्यास पर बल
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
तहसील क्षेत्र के ग्राम खोहरा स्थित विवेक भारतीय माध्यमिक विद्यालय में विद्यार्थियों के मानसिक एवं शारीरिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाने के उद्देश्य से विशेष योग सत्र का आयोजन किया गया। विद्यालय के प्रधानाचार्य पृथ्वी सिंह ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को योग के विभिन्न आयामों, प्राणायाम और दैनिक जीवन में इसके महत्व की विस्तार से जानकारी दी गई।
योग को बताया आत्मदर्शन और जीवन पद्धति
योग सत्र में योग प्रशिक्षिका जाह्नवी दीक्षित ने विद्यार्थियों को विभिन्न योगासन व प्राणायाम का अभ्यास कराया और उन्हें नियमित योगाभ्यास के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि योग केवल शारीरिक व्यायाम नहीं है, बल्कि यह एक जीवन दर्शन, आत्मानुशासन और आत्मोपचार की श्रेष्ठ विद्या है। योग व्यक्ति को सीमित सोच से ऊपर उठाकर सकारात्मक रूप से विकसित होने का अवसर प्रदान करता है।
मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी अत्यंत उपयोगी
प्रशिक्षिका ने स्पष्ट किया कि योग को केवल बीमारी के इलाज या व्यायाम तक सीमित रखना इसके व्यापक स्वरूप को कम आंकना है। यह व्यक्ति को भीतर से संतुलित और स्वस्थ बनाता है। नियमित योगाभ्यास से शारीरिक क्षमता के साथ-साथ मानसिक एकाग्रता और स्वास्थ्य में भी सुधार होता है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वार्थ और अज्ञानता से ऊपर उठकर योग को अपनी दिनचर्या में शामिल करने का आग्रह किया।
औषधीय पौधों व भारतीय ज्ञान का दिया संदेश
सत्र के दौरान विद्यार्थियों को नीम, गिलोय, आंवला, एलोवेरा, तुलसी और हल्दी के औषधीय व आयुर्वेदिक गुणों की जानकारी दी गई। साथ ही भारतीय ज्ञान परंपरा के अंतर्गत सतोगुण, रजोगुण और तमोगुण की वैज्ञानिक अवधारणाओं को भी समझाया गया। उन्होंने जोर देकर कहा कि निरोगी भारत के निर्माण के लिए स्कूली स्तर पर भारतीय ज्ञान और योग विद्या को अनिवार्य रूप से पढ़ाया जाना आवश्यक है।
इस अवसर पर विद्यालय का समस्त स्टाफ और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

