रामधाम खेड़ापा में सजेगा भक्ति का महाकुंभ: आद्य आचार्य श्री रामदास जी महाराज के प्राकट्य की त्रिशताब्दी पर 10 दिवसीय भव्य महोत्सव
रामधाम खेड़ापा में आद्य आचार्य श्री रामदास जी महाराज का प्राकट्य त्रिशताब्दी महोत्सव 25 फरवरी से; 10 दिनों तक जुटेंगे देशभर के संत-श्रद्धालु
बावड़ी (जोधपुर) मिश्रीलाल लखारा
मारवाड़ प्रांत की आस्था के प्रमुख केंद्र रामस्नेही संप्रदाय की आचार्य पीठ रामधाम खेड़ापा में आद्य आचार्य श्रीश्री 1008 श्री रामदास जी महाराज के प्राकट्य के 300 वर्ष पूर्ण होने के पावन उपलक्ष्य में भव्य 'त्रिशताब्दी महोत्सव' का आयोजन किया जाएगा। यह विशाल आयोजन वर्तमान आचार्य श्रीश्री 1008 श्री पुरुषोत्तमदास जी महाराज के पावन सानिध्य एवं उत्तराधिकारी संत श्री गोविन्दराम जी शास्त्री के निर्देशन में संपन्न होगा।
संतों और भक्तों की व्यवस्था सेवा संवाद सभा आयोजित
महोत्सव की पूर्व तैयारियों एवं व्यवस्थाओं को लेकर शनिवार को रामधाम खेड़ापा में संतों और भक्तों की एक महत्वपूर्ण 'व्यवस्था सेवा संवाद सभा' आयोजित की गई। सभा में विभिन्न शाखाओं और गांवों के रामद्वारों से पधारे संत-महात्माओं और गणमान्य श्रद्धालुओं ने आयोजन की रूपरेखा पर विस्तार से विचार-विमर्श किया। सभी ने सामूहिक सहभागिता और सेवा भाव के साथ इस आध्यात्मिक आयोजन को सफल बनाने का संकल्प लिया।
25 फरवरी से 6 मार्च 2027 तक आयोजित होगा 10 दिवसीय महोत्सव
रामधाम खेड़ापा के युवा संत ध्यानदास रामस्नेही ने बताया कि आद्य आचार्य श्री रामदास जी महाराज की त्रिशताब्दी के अवसर पर 25 फरवरी से 6 मार्च 2027 (महाशिवरात्रि पर्व) तक दस दिवसीय भव्य महोत्सव आयोजित होगा। इसमें देशभर से लाखों श्रद्धालुओं, विद्वानों और संतों के जुटने की संभावना है।
राष्ट्रीय ख्यातिप्राप्त कथावाचकों की बहेगी रसधार
महोत्सव के दौरान धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शृंखला आयोजित होगी:
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तीन दिवसीय भक्त चरित्र कथा: प्रसिद्ध कथावाचक पंडित इंद्रेश उपाध्याय द्वारा वाचन किया जाएगा।
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सात दिवसीय करुणासागर कथा: मलूक पीठ (रेवासा) के पीठाधीश्वर पूज्य राजेंद्रदास जी महाराज के मुखारविंद से संपन्न होगी।
संतों ने कहा कि यह त्रिशताब्दी महोत्सव केवल एक उत्सव नहीं, बल्कि रामस्नेही परंपरा के आध्यात्मिक मूल्यों, गुरु-शिष्य परंपरा और सेवा-साधना की समृद्ध विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक ऐतिहासिक अवसर है।

