मासूम बच्ची की पर्ची ने तय किया खैरथल का सभापति: 22-22 की बराबरी के बाद ड्रॉ में चमकी भाजपा के विक्रम चौधरी की किस्मत
खैरथल नगर परिषद चुनाव 2026: टाइ होने के बाद पर्ची सिस्टम से हुआ फैसला, भाजपा के विक्रम चौधरी बने नए सभापति
खैरथल (हीरालाल भूरानी): खैरथल नगर परिषद के सभापति चुनाव में सोमवार को बेहद अभूतपूर्व और रोमांचक राजनीतिक घटनाक्रम देखने को मिला। 45 सदस्यीय परिषद में एक पार्षद के अनुपस्थित रहने के बाद पड़े 44 वोटों में भाजपा प्रत्याशी विक्रम चौधरी और कांग्रेस प्रत्याशी ओमप्रकाश रोघा को बराबर 22-22 मत मिले। मुकाबला बराबरी पर अटकने के बाद निर्वाचन अधिकारी ने नियमानुसार पर्ची (लॉटरी) निकालकर परिणाम घोषित करने की प्रक्रिया अपनाई।
मासूम बच्ची की पर्ची से तय हुआ सभापति
परिणाम के इस कड़े मोड़ पर सभी की निगाहें परिसर में मौजूद एक मासूम बच्ची पर टिक गईं, जिसे पर्ची निकालने के लिए मंच पर बुलाया गया। बच्ची द्वारा उठाई गई पर्ची में भाजपा प्रत्याशी विक्रम चौधरी का नाम निकला। नाम की घोषणा होते ही निर्वाचन अधिकारी ने विक्रम चौधरी को खैरथल नगर परिषद का नया सभापति निर्वाचित घोषित कर दिया।
शपथ ग्रहण के बाद विकास का दिया भरोसा
जीत के तुरंत बाद विक्रम चौधरी ने पद एवं गोपनीयता की शपथ ली। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पूर्व में नेता प्रतिपक्ष के रूप में उठाए गए शहर की समस्याओं और अधूरे पड़े विकास कार्यों को अब प्राथमिकता से पूरा कराया जाएगा। खैरथल शहर में जल्द ही विकास की नई रफ्तार दिखाई देगी। इसके बाद समर्थकों ने उन्हें जुलूस के रूप में ले जाकर जगह-जगह माल्यार्पण कर भव्य स्वागत किया।
बहुमत के करीब होकर भी चूकी कांग्रेस
राजनीतिक समीकरणों की बात करें तो निकाय चुनाव के नतीजों में कांग्रेस 20 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी बनी थी, जबकि भाजपा को 8 और निर्दलीयों को 17 सीटें मिली थीं। चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस के पूर्व नेता प्रतिपक्ष विक्रम चौधरी भाजपा में शामिल होकर अध्यक्ष पद के उम्मीदवार बन गए थे। सबसे बड़ी पार्टी होने के बावजूद कांग्रेस 22-22 की बराबरी के बाद पर्ची के फैसले में मात खा गई और सभापति की कुर्सी भाजपा के खाते में चली गई।

