19 करोड़ की चार सड़क परियोजनाओं में देरी पर समृद्ध भारत अभियान ने जताई चिंता, कलेक्टर से की हस्तक्षेप की मांग
भरतपुर (विष्णु मित्तल)। शहर से जुड़ने वाली ₹19 करोड़ की चार प्रमुख सड़कों के निर्माण कार्य में हो रही देरी से आमजन को हो रही परेशानियों को देखते हुए समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने जिला कलेक्टर को पत्र भेजा है। पत्र के माध्यम से उन्होंने निर्माण कार्य में आ रही बाधाओं को तुरंत दूर कर काम में तेजी लाने की मांग की है।
सीताराम गुप्ता ने बताया कि समयबद्ध मॉनिटरिंग के अभाव में कई सड़कों का निर्माण अभी शुरू तक नहीं हो पाया है, जबकि चालू कार्यों की गति भी बेहद धीमी है। यदि स्थिति यही रही तो ये परियोजनाएं समय पर पूरी नहीं हो सकेंगी।
प्रस्तावित सड़कें और उनकी लागत:
- कुम्हेर गेट सर्किल से कंजोली वाला MES: ₹6.11 करोड़
- RBM चौराहे से रीको रोड: ₹5.24 करोड़
- रेडक्रॉस सर्किल से चांदपोल रोड: ₹4.44 करोड़
- सारस चौराहे से बिजलीघर: ₹3.13 करोड़
अतिक्रमण और तकनीकी स्वीकृति बनीं रोड़ा
निदेशक ने पत्र में स्पष्ट किया कि सड़कों के निर्माण में हो रही देरी का मुख्य कारण मार्ग में आ रहे अतिक्रमण, क्रॉस-सेक्शन डिजाइन का अंतिम रूप न पाना और संबंधित विभागों द्वारा समय पर तकनीकी स्वीकृति जारी न करना है। उन्होंने कहा कि इन समस्याओं को विभागों के आपसी समन्वय और समझाइश के जरिए आसानी से हल किया जा सकता है।
समीक्षा बैठक और समय-सीमा तय करने की मांग
गुप्ता ने जिला प्रशासन से आग्रह किया कि संबंधित विभागों के अधिकारियों की तत्काल समीक्षा बैठक बुलाई जाए। इसमें प्रत्येक परियोजना की वर्तमान स्थिति और लंबित स्वीकृतियों की समीक्षा कर काम पूरा करने के लिए एक स्पष्ट समय-सीमा (डेडलाइन) तय की जाए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि सार्वजनिक धन से स्वीकृत विकास कार्यों का समयबद्ध क्रियान्वयन प्रशासन की प्राथमिकता होनी चाहिए, जिससे आमजन को जल्द राहत मिले और प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत हो सके।

