सात समुंदर पार इटली में गूंजा रामसा पीर का जयकारा, नवलगढ़ वासियों ने रचा इतिहास
बोल्ज़ानो/झुंझुनूं। (सुमेर सिंह राव) विदेश की धरती पर भारतीय लोक आस्था और सनातन संस्कृति की अनुपम छटा देखने को मिली। इटली के बोल्ज़ानो शहर में यूरोप खटीक समाज संस्थान के तत्वावधान में नवलगढ़ वासियों द्वारा बाबा रामसा पीर के भव्य जागरण का ऐतिहासिक आयोजन किया गया। इटली में पहली बार आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम में बड़ी संख्या में सनातन धर्मावलंबियों ने शिरकत कर भक्ति का रस घोला।
संस्थान के अध्यक्ष सूर्यनारायण चौहान ने बताया कि इटली में बाबा रामसा पीर का यह पहला भव्य जागरण था। इसका मुख्य उद्देश्य सात समुंदर पार रहते हुए भी अपनी जड़ों, लोक संस्कृति और सनातन परंपराओं को जीवंत रखना है।
कार्यक्रम के दौरान कलाकारों ने ‘रूणिचा रा धनिया’, ‘मां मने घोड़लियों मंगवाई दे’ और ‘हेलो म्हारो सुनियो रामसा पीर’ जैसे सुपरहिट राजस्थानी लोक भजनों की प्रस्तुतियां दीं। भजनों की धुनों पर नवलगढ़ व राजस्थान से जुड़े प्रवासी भारतीय देर रात तक झूमते रहे। पूरा पांडाल ‘जय बाबा री’ और रामसा पीर के जयकारों से गुंजायमान हो उठा। इस दौरान प्रवासियों ने एकजुटता दिखाते हुए अपनी धार्मिक व सांस्कृतिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का संकल्प दोहराया।

