समूची विद्यालय में बाल अधिकारों पर विधिक जागरूकता शिविर, 35 विद्यार्थियों सहित अन्य प्रतिभागियों ने लिया भाग
खेरली (दिनेश लेखी) राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, अलवर एवं तालुका विधिक सेवा समिति, खेरली मंडी के निर्देशानुसार 24 सितंबर 2026 को एमजीएसएसएस समूची में बाल अधिकारों को लेकर विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। शिविर में 35 विद्यार्थियों सहित अन्य प्रतिभागियों ने भाग लिया।
शिविर में विधिक स्वयंसेवक दीपक कुमार मीना ने विद्यार्थियों को बाल अधिकारों, सुरक्षा एवं संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रत्येक बच्चे को सुरक्षित, सम्मानजनक एवं भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने तथा समुचित विकास का अधिकार है।
इस दौरान बाल लैंगिक अपराधों से संरक्षण अधिनियम, 2012 (पॉक्सो अधिनियम) के प्रावधानों की जानकारी देते हुए बताया गया कि 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को लैंगिक अपराधों से सुरक्षा प्रदान करने के लिए कानून में विशेष प्रावधान किए गए हैं। बच्चों के साथ किसी भी प्रकार के दुर्व्यवहार की स्थिति में उनकी बात को गंभीरता से लेने तथा समय पर संबंधित अधिकारियों को सूचना देने के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया।
प्रतिभागियों को शिक्षा का अधिकार अधिनियम, 2009 के तहत बच्चों के निःशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के अधिकार, विद्यालय में सुरक्षित एवं भेदभाव-मुक्त वातावरण तथा उनके सर्वांगीण विकास के संबंध में जागरूक किया गया।
शिविर में बच्चों के साथ हिंसा, शोषण, उत्पीड़न या दुर्व्यवहार की स्थिति में शिकायत एवं रिपोर्टिंग तंत्र की जानकारी भी दी गई। बताया गया कि आवश्यकता पड़ने पर चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, आपातकालीन सेवा 112, महिला हेल्पलाइन 181 तथा नालसा टोल-फ्री हेल्पलाइन 15100 पर संपर्क किया जा सकता है।
विधिक स्वयंसेवक दीपक कुमार मीना ने कहा कि बच्चों से संबंधित किसी भी शिकायत पर संवेदनशील एवं सम्मानजनक व्यवहार किया जाना चाहिए। उनकी पहचान और गरिमा की रक्षा करना सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
शिविर के समापन पर उपस्थित लोगों को बच्चों के अधिकारों की रक्षा करने, उन्हें सुरक्षित वातावरण उपलब्ध कराने तथा किसी भी प्रकार के शोषण या दुर्व्यवहार की जानकारी मिलने पर समय पर रिपोर्ट करने का संकल्प दिलाया गया। उन्होंने कहा कि “सुरक्षित बचपन, शिक्षित बचपन और सम्मानित बचपन—एक मजबूत समाज की पहचान है।”चाहें तो इसे मैं भास्कर शैली में और ज्यादा धारदार शीर्षक के साथ छोटा समाचार भी बना सकता हूं।

