"झूला तो पड़ गया अमवा की डाल पे जी...": सकट क्षेत्र में रिमझिम फुहारों के बीच हर्षोल्लास से मना हरियाली तीज का पर्व
"सावन में झूला तो झूले राधा रानी...": सकट क्षेत्र में रिमझिम बारिश के बीच उल्लास से मनाया हरियाली तीज का पर्व, मंदिरों में सजी भव्य फूल बंगला झांकियां
सकट / राजस्थान
कस्बा सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में शनिवार को श्रावण शुक्ल पक्ष की तृतीया के अवसर पर हरियाली तीज का पावन पर्व अत्यंत हर्षोल्लास, उमंग और पारम्परिक श्रद्धा के साथ मनाया गया। सावन की सुहानी रिमझिम बारिश के बीच चारों तरफ तीज पर्व का उत्साह देखते ही बन रहा था।
झूलों पर गूंजे सावन के मल्हार
मौसम के सुहाने मिजाज के बीच युवतियों और महिलाओं ने बाग-बगीचों और घरों के आंगन में पेड़ों की डालियों पर पड़े झूलों का आनंद लिया।
इस दौरान महिला श्रद्धालुओं ने "झूला तो पड़ गया अमवा की डाल पे जी..." और "सावन में झूला तो झूले राधा रानी बाग में जी..." जैसे पारंपरिक तीज-गीतों व भजनों की मधुर स्वर लहरियों के साथ पेंग बढ़ाई।
सुहागिनों ने रखा अखंड सौभाग्य का व्रत
- शिव-पार्वती पूजा: सुहागिन महिलाओं ने पति की लंबी आयु और सुख-समृद्धि की कामना को लेकर, वहीं कुंवारी कन्याओं ने सुयोग्य वर की प्राप्ति के लिए हरियाली तीज का निर्जला व्रत रखा और माता पार्वती व भगवान शिव की विधि-विधान से पूजा-अर्चना की।
- घेवर की दुकानों पर बिक्री: तीज पर्व के विशेष व्यंजन 'घेवर' की खरीदारी के लिए कस्बे की हलवाई दुकानों पर दिनभर ग्राहकों की खासी भीड़ बनी रही।
अलौकिक फूल बंगला झांकियों के दर्शन
हरियाली तीज के पावन अवसर पर कस्बे में स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर तथा रामेश्वर धाम वीर हनुमान मंदिर में विशेष धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन हुआ।
मंदिरों में विराजमान भगवान श्री कृष्ण-राधा जी, शिव-पार्वती, वीर हनुमान जी और खाटू श्याम जी की प्रतिमाओं का सुगंधित देसी-विदेशी फूलों से अलौकिक 'फूल बंगला श्रृंगार' कर मनमोहक झांकी सजाई गई, जिसके दर्शन कर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। दिनभर मंदिर प्रांगण जयकारों से गुंजायमान रहे।

