जयपुर में एसीबी का बड़ा एक्शन: सांगानेर सदर थाने का ASI 10 हजार की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार, पिकअप छोड़ने और नाम हटाने की मांग रहा था घूस
जयपुर / अनिल कुमार गुप्ता : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (ACB) मुख्यालय के निर्देश पर एसीबी चौकी जयपुर नगर तृतीय की टीम ने गुरुवार को खाकी को शर्मसार करने वाला एक और मामला उजागर किया है। टीम ने जयपुर कमिश्नरेट के सांगानेर सदर थाने में तैनात सहायक उपनिरीक्षक (ASI) महेश चंद मीणा को परिवादी से 10,000 रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी यह घूस एक मामला शांत करने, पिकअप गाड़ी छोड़ने और सहपरिवादी को मुकदमे में राहत देने के एवज में मांग रहा था।
पिकअप छोड़ने और नाम नहीं जोड़ने के एवज में सौदा
एसीबी अधिकारियों के अनुसार, एसीबी चौकी जयपुर नगर तृतीय को एक परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसके मामा द्वारा सांगानेर सदर थाने में एक प्रकरण दर्ज करवाया गया था। इस मामले के अनुसंधान अधिकारी एएसआई महेश चंद मीणा थे। आरोपी एएसआई परिवादी के मामा की जब्त पिकअप को छोड़ने और सहपरिवादी को मुकदमे में मुल्जिम नहीं बनाने की एवज में शुरुआत में 20-20 हजार रुपये यानी कुल बड़ी रकम की मांग कर रहा था।
एसीबी के जाल में फंसा भ्रष्ट पुलिसकर्मी
शिकायत के सत्यापन के दौरान यह बात सामने आई कि आरोपी एएसआई ने मामले में राजीनामा होने के दस्तावेज मांगते हुए पिकअप छोड़ने और प्रकरण का निस्तारण करने की एवज में 10,000 रुपये रिश्वत लेना स्वीकार किया और इसकी मांग की।
इस पर एसीबी डीआईजी द्वितीय ओमप्रकाश मीणा के सुपरवीजन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ज्ञान प्रकाश नवल के नेतृत्व में एक ट्रेप टीम का गठन किया गया। कार्रवाई के दौरान एएसआई महेश चंद मीणा ने परिवादी से राजीनामा के दस्तावेज और पूछताछ के बाद 10,000 रुपये की रिश्वत राशि लेकर अपनी जींस की पेंट की जेब में रख ली। एसीबी टीम ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी की जेब से रिश्वत के पैसे बरामद कर उसे रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया।
एसीबी की अतिरिक्त महानिदेशक श्रीमती स्मिता श्रीवास्तव एवं महानिरीक्षक श्रीमती एस. परिमला के निर्देशन में आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत अग्रिम अनुसंधान जारी है।

