नगर पालिका अध्यक्ष पति के दखल पर लगे रोक, निजी आवास न जाएं सरकारी फाइलें; मांगो को लेकर पार्षद ने जिला कलक्टर को सौंपा ज्ञापन
वैधानिक कार्यप्रणाली व अभिलेखों की सुरक्षा की उठाई मांग
तखतगढ़ (पाली/ बरकत खान) नगर पालिका तखतगढ़ के नवगठित बोर्ड में गैर-निर्वाचित व्यक्तियों के संभावित प्रशासनिक हस्तक्षेप और सरकारी फाइलों की सुरक्षा को लेकर पार्षदों ने मोर्चा खोल दिया है। वार्ड पार्षद भंवरलाल मीणा ने मंगलवार को जिला कलेक्टर, पाली को एक ज्ञापन सौंपकर पालिका कार्यों में पारदर्शिता बनाए रखने और स्पष्ट कार्यालयी आदेश जारी करने की मांग की।
ज्ञापन में बताया गया कि 21 सितंबर 2026 को नगर पालिका के नए बोर्ड का गठन हुआ है। राजस्थान नगरपालिका अधिनियम, 2009 के तहत पालिका के प्रशासनिक कार्य केवल अधिकृत जन प्रतिनिधियों और विभागीय अधिकारियों द्वारा ही संचालित किए जा सकते हैं। अधिनियम की धारा 48 में पालिका अध्यक्ष के कर्तव्य स्पष्ट हैं, जबकि धारा 49(1) के तहत सभी अभिलेखों व फाइलों की अभिरक्षा का वैधानिक जिम्मा अधिशासी अधिकारी (ईओ) का होता है।
- निजी आवास पर फाइलें ले जाने पर रोक की मांग
पार्षद मीणा ने कलेक्टर से मांग की कि पालिका कार्यालय में अध्यक्ष के पति मनोज नामा अथवा किसी भी अन्य गैर-निर्वाचित व्यक्ति द्वारा अधिकारियों को निर्देश देने, निर्णयों को प्रभावित करने और फाइलों के अवलोकन पर पूर्ण पाबंदी लगाई जाए। इसके साथ ही उन्होंने कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि कोई भी मूल पत्रावली या सरकारी रजिस्टर बिना सक्षम अनुमति और फाइल मूवमेंट रजिस्टर में दर्ज किए कार्यालय से बाहर, विशेष रूप से पालिका अध्यक्ष के निजी आवास पर नहीं भेजा जाना चाहिए।
- भविष्य में विधिक व्यवस्था के लिए कदम
पार्षद ने स्पष्ट किया कि यह ज्ञापन किसी पुरानी जांच के उद्देश्य से नहीं, बल्कि भविष्य में पालिका की गरिमा, नियमों की पालना और जनहित में प्रशासनिक व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए दिया गया है। उन्होंने मांग की कि पालिका कर्मियों को पाबंद किया जाए ताकि वे केवल अधिकृत अधिकारियों के निर्देशों का ही पालन करें और किसी भी अनधिकृत दखल की सूचना तत्काल उच्चाधिकारियों को दें।

