नंद के आनंद भयो जय कन्हैया लाल की! लक्ष्मणगढ़ की खंडेलवाल धर्मशाला में गूंजा श्रीकृष्ण जन्मोत्सव, झूम उठे श्रद्धालु
लक्ष्मणगढ़ (अलवर) कमलेश जैन
कस्बे की खंडेलवाल धर्मशाला में इन दिनों श्रीमद् भागवत कथा की धूम मची हुई है। कथा के चौथे दिन मंगलवार को व्यासपीठ से कथावाचिका ज्योति शिखा दीदी ने संगीतमय व्याख्या के जरिए भगवान श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का ऐसा मनमोहक प्रसंग सुनाया कि पूरा पंडाल भक्ति रस में डूब गया। कथा के दौरान श्रद्धालु भाव-विभोर होकर झूम उठे।
अत्याचार के नाश के लिए हुआ अवतार
कथावाचिका ज्योति शिखा दीदी ने प्रसंग की शुरुआत करते हुए कहा कि जब-जब पृथ्वी पर धर्म की हानि और अधर्म का बोलबाला होता है, तब-तब भगवान किसी न किसी रूप में धरती पर अवतरित होते हैं। अत्याचारी कंस के पापों से जब धरती डोलने लगी और देवकी के गर्भ से सात संतानों के बाद आठवीं संतान के रूप में संकट मंडराया, तब जगत के पालनहार को प्रकट होना पड़ा।
टूटे जेल के बंधन, गूंजा नंद भवन में आनंद
दीदी ने आगे बताया कि प्रभु की लीला अपरंपार है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्म लेते ही कारागार के सभी ताले और बंधन स्वतः टूट गए। वासुदेव जी कृपालु प्रभु को लेकर गोकुल पहुंचे, जहां यशोदा मैया के लाल के जन्म की खबर मिलते ही नंद भवन में आनंद की लहर दौड़ गई। सम्पूर्ण ब्रजमंडल में बधाइयां बांटी गईं और नंद बाबा के द्वार पर महाउत्सव मनाया गया। इस जीवंत प्रसंग के दौरान कथा में मौजूद सभी श्रद्धालु नाचने-गाने लगे और बधाइयों के गीतों से पूरा माहौल गूंज उठा।
गणमान्य लोग रहे मौजूद
इस धार्मिक आयोजन के दौरान खंडेलवाल समाज के अध्यक्ष मदनलाल गुप्ता, नवीन खारवाल, गोविंद खारवाल, खेमचंद बैरवा, प्रकाश प्रजापत, लोकेश कुमार, लल्लूराम सैनी, पार्षद सतीश बसवाल, बंटी अवस्थी, पिंटू सेन, कल्लू साहू सहित क्षेत्र के तमाम गणमान्य व्यापारी और बड़ी संख्या में मातृशक्ति (महिलाएं) मौजूद रहीं।

