लंपी स्किन रोग की रोकथाम को लेकर संभागीय आयुक्त के सख्त निर्देश; पशु हाट, मेले एवं पशुओं के सामूहिक आवागमन पर तत्काल रोक
भरतपुर, (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय)। संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया ने भरतपुर संभाग के भरतपुर, धौलपुर, डीग, करौली एवं सवाई माधोपुर जिलों में गोवंश में लंपी स्किन डिजीज के नियंत्रण एवं संक्रमण के प्रसार की रोकथाम के लिए पशुपालन विभाग के अधिकारियों को तत्काल एवं प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लंपी स्किन डिजीज मुख्यतः बाह्य परजीवियों एवं रक्त चूसने वाले कीटों के माध्यम से फैलता है। ऐसे में प्रभावित क्षेत्रों में पशुपालकों को पर्याप्त मात्रा में बाह्य परजीवी नाशक दवाइयां उपलब्ध कराने एवं उनके प्रभावी उपयोग के साथ संक्रमित क्षेत्रों से पशुओं के आवागमन पर रोक सुनिश्चित की जाए।
संक्रमण रोकने के लिए फील्ड स्तर पर प्रभावी कार्रवाई-
संभागीय आयुक्त ने रोग प्रभावित पशुओं के आवासीय स्थलों एवं आसपास के क्षेत्रों में उपयुक्त डिसइन्फेक्टेंट का छिड़काव करवाने, पशुओं की मृत्यु का नियमित रिकॉर्ड संधारित करने तथा मृत्यु से संबंधित सूचना प्रतिदिन जिला मुख्यालय को भेजने के निर्देश दिए। उन्होंने रोग प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता के अनुसार उपचार एवं चिकित्सा शिविर आयोजित कर पशुओं को समय पर उपचार उपलब्ध कराने तथा मृत पशुओं का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार वैज्ञानिक एवं सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने निर्देश दिए कि जिन क्षेत्रों में वर्तमान में रोग का प्रकोप नहीं है, वहां गोवंश का शत-प्रतिशत टीकाकरण कराया जाए। साथ ही प्रत्येक टीकाकरण की प्रविष्टि भारत पशुधन पोर्टल पर 100 प्रतिशत सुनिश्चित की जाए।
पशु हाट एवं मेलों पर तत्काल रोक-
संभागीय आयुक्त ने संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए संभाग के सभी जिलों में पशु हाट, पशु मेले तथा पशुओं के सामूहिक आवागमन पर तत्काल प्रभाव से रोक लगाने और इसकी सख्ती से पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्राम स्तर पर जागरूकता शिविर आयोजित कर पशुपालकों को लंपी स्किन डिजीज के लक्षण, बचाव एवं नियंत्रण उपायों की जानकारी देने तथा रोग के प्रारंभिक लक्षण दिखाई देने पर तत्काल उपचार कराने के लिए प्रेरित करने को कहा।
तीन जिलों में टीकाकरण की कम उपलब्धि पर जताई चिंता-
संभागीय आयुक्त ने टीकाकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए पाया कि कुल गोवंश की तुलना में धौलपुर में 49.92 प्रतिशत, करौली में 64.14 प्रतिशत तथा सवाई माधोपुर में 60.16 प्रतिशत टीकाकरण हुआ है। उन्होंने इसे असंतोषजनक मानते हुए संबंधित अधिकारियों को कम उपलब्धि के कारण स्पष्ट करने तथा निर्धारित लक्ष्य की शीघ्र शत-प्रतिशत पूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि लंपी स्किन डिजीज की दैनिक स्थिति की नियमित एवं प्रभावी मॉनिटरिंग करते हुए रिपोर्ट जिला मुख्यालय को भिजवाई जाए तथा सभी निर्देशों की अक्षरशः पालना सुनिश्चित की जाए।

