गोविंदगढ़ किले का ऐतिहासिक गोविंददेव जी मंदिर हुआ जर्जर, समिति ने विधायक सुखवंत सिंह को सौंपा ज्ञापन
गोविंदगढ़ (अलवर) के किला परिसर में स्थित ऐतिहासिक गोविंददेव जी मंदिर की हालत जर्जर हो गई है। मंदिर की बदहाली और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर 'श्री सुंदरकाण्ड सेवा समिति' ने चिंता जताई है। समिति ने रामगढ़ विधायक सुखवंत सिंह को एक पत्र सौंपा है।
श्री सुंदरकाण्ड सेवा समिति के महंत भरतदास जी महाराज ने पत्र में बताया कि मंदिर देवस्थान विभाग की 'आत्मनिर्भर' श्रेणी में आता है। इसके बावजूद, देखभाल न होने से मंदिर परिसर लगातार जर्जर हो रहा है।
समिति ने मंदिर की मुख्य समस्याएं बताई हैं। देवस्थान विभाग द्वारा बनवाया गया बरामदा पूरी तरह से टूट गया है और कभी भी गिर सकता है। जर्जर भवन के कारण मंदिर में रखी पवित्र मूर्तियों के टूटने या खराब होने का खतरा बना हुआ है।
मंदिर की ओर जाने वाले किले का मुख्य प्रवेश द्वार भी बहुत खराब हालत में है। इससे वहां से आने-जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए हर पल हादसे का डर बना रहता है।
समिति ने कहा है कि मंदिर में रोज सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं। यदि इस खराब ढांचे के कारण मंदिर परिसर में कोई हादसा होता है, तो उसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन की होगी। समिति ने विधायक से लोगों की आस्था को देखते हुए मामले पर तुरंत ध्यान देकर मरम्मत कराने की मांग की है।

