रामधाम खेड़ापा में चातुर्मास सत्संग आयोजित; महापुरुषों के बताए मार्ग पर चलना ही सच्चे जीवन की सीख : गोविन्दराम शास्त्री
बावड़ी (जोधपुर/ मिश्रीलाल लखारा )। रामस्नेही संप्रदाय की आचार्य पीठ रामधाम खेड़ापा में आचार्य पुरुषोत्तमदास महाराज के पावन सान्निध्य में आयोजित चातुर्मास सत्संग के दौरान श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ रहा है। सत्संग में गुरुवाणी कथा का वाचन करते हुए संत गोविन्दराम शास्त्री ने कहा कि संत-महापुरुषों द्वारा दिखाए गए मार्ग का अनुसरण करना ही मनुष्य को सच्चे अर्थों में जीवन जीना सिखाता है।
संत शास्त्री ने श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु की वाणी केवल सुनने मात्र के लिए नहीं है, बल्कि उसे अपने व्यावहारिक जीवन और आचरण में उतारना आवश्यक है। सत्संग, सेवा, साधना और सदाचार ही वे माध्यम हैं जिनसे मानव जीवन को सार्थक बनाया जा सकता है। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आज का मनुष्य भौतिक सुख-सुविधाओं की अंधी दौड़ में भटककर वास्तविक मानसिक शांति से दूर होता जा रहा है। ऐसे दौर में महापुरुषों के विचार और संतों का सान्निध्य ही जीवन को सही दिशा प्रदान कर सकता है।
- 19 सितंबर को होगी महत्वपूर्ण बैठक
कार्यक्रम के दौरान रामधाम खेड़ापा के युवा संत ध्यानदास रामस्नेही ने आगामी आयोजनों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रामधाम खेड़ापा के आदि संस्थापक आचार्य श्री रामदास जी महाराज के 300वें जन्म वर्ष के उपलक्ष्य में 'त्रिशताब्दी महामहोत्सव' का आयोजन किया जा रहा है। इसी क्रम में 19 सितंबर 2026 को रामधाम खेड़ापा में एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।
इस बैठक में रामस्नेही संप्रदाय के सभी प्रमुख संत-महात्मा और देशभर से भक्तगण शिरकत करेंगे। बैठक के दौरान त्रिशताब्दी महामहोत्सव की भव्य तैयारियों, व्यवस्थाओं तथा आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा को लेकर विस्तृत विचार-विमर्श किया जाएगा।

