भक्तिमय हुआ पाई का गुवाड़ा: गाजे-बाजे के साथ निकाली भव्य कलशयात्रा, श्रीमद्भागवत कथा व रुद्रात्मक महायज्ञ का शुभारंभ
भर्तृहरि बाबा मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा व महायज्ञ शुरू: भव्य कलशयात्रा में उमड़ा आस्था का जनसैलाब, 26 को भंडारा व पद दंगल
सकट। क्षेत्र के समीपवर्ती गांव पाई का गुवाड़ा (खुड़द्यान का बास) स्थित भर्तृहरि बाबा मंदिर पर ग्रामीणों के सहयोग से शनिवार को एक कुंडात्मक रुद्रात्मक महायज्ञ एवं श्रीमद् भागवत कथा ज्ञान यज्ञ का भव्य शुभारंभ हुआ। कथा की शुरुआत से पूर्व गाजे-बाजे और डीजे की स्वर लहरियों के साथ एक विशाल एवं भव्य कलशयात्रा निकाली गई, जिसमें पूरा क्षेत्र भक्ति के रंगों में सराबोर नजर आया।
ठाकुर जी मंदिर से शुरू हुई कलशयात्रा कलशयात्रा का शुभारंभ बिघोता गांव स्थित प्राचीन ठाकुर जी महाराज के मंदिर से विधि-विधानपूर्वक कलश व ध्वज पूजन के साथ किया गया। यात्रा में जहां पुरुष श्रद्धालु हाथों में धार्मिक ध्वज-पताकाएं लेकर जयकारे लगाते चल रहे थे, वहीं महिलाएं सिर पर मंगल कलश धारण कर भक्ति गीतों पर नाचती-गाती नजर आईं। गांव में नगर परिक्रमा के दौरान जगह-जगह ग्रामीणों द्वारा कलशयात्रा पर पुष्प वर्षा कर भावुक स्वागत किया गया।
26 सितंबर को पूर्णाहुति, भंडारा और पद दंगल नगर परिक्रमा के बाद कलशयात्रा भर्तृहरि बाबा मंदिर परिसर पहुंची, जहां कथावाचक ने गणेश पूजन और वैदिक मंत्रोचार के साथ श्रीमद्भागवत कथा का वाचन शुरू किया। यह धार्मिक आयोजन 7 दिनों तक चलेगा, जिसका समापन 26 सितंबर (शनिवार) को पूर्णाहुति के साथ होगा।
समापन अवसर पर एक विशाल महाप्रसादी (भंडारा) तथा भव्य पद दंगल का आयोजन किया जाएगा। पद दंगल में आमंत्रित लोक कलाकारों द्वारा भगवान शिव-पार्वती, हनुमान जी, भक्त प्रहलाद, नरसी जी का भात, राजा हरिश्चंद्र और राजा भर्तृहरि की पौराणिक व धार्मिक गाथाओं की आकर्षक प्रस्तुतियां दी जाएंगी।

