राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस: भरतपुर में 122 यूनिट रक्त संग्रहित, युवाओं और महिलाओं ने दिखाया उत्साह
भरतपुर (कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) राष्ट्रीय स्वैच्छिक रक्तदान दिवस (1 अक्टूबर) के उपलक्ष्य में जिलेभर में रक्तदान शिविरों की धूम रही। 'विकसित भारत जन सेवा अभियान' के अंतर्गत राजकीय आरबीएम चिकित्सालय के ब्लड बैंक की ओर से विभिन्न स्वास्थ्य केंद्रों और शिक्षण संस्थानों में विशेष रक्तदान शिविर आयोजित किए गए। इनमें युवाओं और आम नागरिकों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया, जिसके फलस्वरूप कुल 122 यूनिट रक्त संग्रहित किया गया।
पुरुषों के साथ महिलाओं ने भी किया रक्तदान
रक्तदान शिविरों में सामाजिक सरोकार की अनूठी मिसाल देखने को मिली। कुल 122 यूनिट में से 118 यूनिट पुरुषों तथा 4 यूनिट महिलाओं द्वारा स्वैच्छिक रक्तदान किया गया। ये शिविर प्राथमिक व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों सहित प्रमुख संस्थानों में आयोजित हुए, जिनमें मुख्य रूप से:
- एसएचसी छोंकरवाड़ा
- एसएचसी बयाना
- सीएचसी रारह
- सीएचसी जुरहरा
- मास्टर आदित्येन्द्र जी विद्यालय एवं महाविद्यालय, डीग शामिल हैं।
'रक्त किसी फैक्ट्री में नहीं बनता, दान से ही बचती है जिंदगी'
आरबीएम चिकित्सालय के चिकित्सा अधीक्षक डॉ. नगेन्द्र सिंह भदौरिया ने सभी रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वैच्छिक रक्तदान सबसे बड़ा मानवीय कार्य है। उन्होंने कहा, "रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प नहीं है और न ही यह किसी फैक्ट्री में तैयार होता है। एक स्वस्थ व्यक्ति का रक्तदान ही किसी गंभीर रोगी, प्रसूता अथवा दुर्घटनाग्रस्त व्यक्ति का जीवन बचा सकता है।" उन्होंने आमजन से हर तीन से छह माह में नियमित रक्तदान करने का आह्वान किया ताकि ब्लड बैंकों में कभी रक्त की कमी न हो।
नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र में प्रतियोगिताओं का आयोजन
रक्तदान दिवस के उपलक्ष्य में नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र में जागरूकता कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित की गई। इस दौरान छात्र-छात्राओं के लिए भाषण, निबंध और चित्रकला प्रतियोगिताओं का आयोजन हुआ, जिसमें प्रतिभागियों ने कला और शब्दों के जरिए रक्तदान के महत्व को दर्शाया। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को प्रशस्ति पत्र व पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम के दौरान आरबीएम अस्पताल, ब्लड बैंक एवं नर्सिंग प्रशिक्षण केंद्र के चिकित्सक, प्रशासनिक अधिकारी, स्वास्थ्य कार्मिक और बड़ी संख्या में नर्सिंग प्रशिक्षु उपस्थित रहे।

