अलवर में 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान: खाद्य सुरक्षा टीम का बड़ा एक्शन, 350 लीटर संदिग्ध घी सीज, 2200 एक्सपायरी पैकेट कराए नष्ट
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त्योहारों पर मिलावटखोरों पर कसा शिकंजा: करवा चौथ और दीपावली से पहले मिठाई, नमकीन व करवे के लिए गए सैम्पल
- रामगढ़ में दो ब्रांड का फर्जी सरस घी सीज: नमकीन एजेंसी से 212 पाउच जब्त, जांच रिपोर्ट के बाद होगी सख्त कार्रवाई
अलवर (अनिल कुमार गुप्ता)
दीपावली और करवा चौथ के आगामी त्योहारों को ध्यान में रखते हुए अलवर जिले में आमजन को शुद्ध और सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटखोरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आयुक्त अविचल चतुर्वेदी (खाद्य सुरक्षा एवं औषधि नियंत्रण, जयपुर) तथा जिला कलेक्टर डॉ. आर्तिका शुक्ला के निर्देशन में जिलेभर में 'शुद्ध आहार मिलावट पर वार' अभियान के तहत ताबड़तोड़ छापेमार कार्रवाइयां की गईं।
नमकीन एजेंसी से एक्सपायरी माल नष्ट, 212 पाउच सीज: मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. योगेंद्र कुमार शर्मा ने बताया कि खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की टीम ने जयपुर रोड स्थित नमकीन एजेंसी 'गुलशन कुमार विकास कुमार' का निरीक्षण किया। यहां से नमकीन का एक सैंपल लिया गया तथा मिलावट की आशंका पर 'रितु ब्रांड' नमकीन के 212 पाउच (10 कट्टे) जब्त किए गए। इसके अलावा एजेंसी में पाए गए करीब 2200 एक्सपायरी (अवधि पार) नमकीन और कुरकुरे के पाउचों को मौके पर ही जलाकर नष्ट करवाया गया।
मिठाइयों व करवे के सैंपल लिए गए: कार्रवाई के दौरान टीम ने 'रामबाबू मिष्ठान भंडार' (घंटाघर) के मेहताब सिंह का नारा स्थित कारखाने से काजू कतली और कलाकंद का नमूना लिया। वहीं करवा चौथ को देखते हुए 'राजू मिष्ठान भंडार' (स्कीम नंबर 10) से खाद्य रंग की मिलावट की आशंका पर करवे का सैंपल लिया गया। इसके अलावा 'राधा रानी मिष्ठान भंडार' (कटी घाटी) से बेसन लड्डू और 'सैनी मिष्ठान भंडार' (मालवीय नगर) से बर्फी के सैंपल जांच के लिए संग्रहित किए गए।
रामगढ़ में 350 लीटर संदिग्ध घी सीज: टीम ने रामगढ़ क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए मिलावट की आशंका पर दो अलग-अलग ब्रांड— 'गोपी सरस घी' और 'जेएमडी सरस घी' को सीज किया। मौके से कुल 350 लीटर संदिग्ध घी को जब्त करते हुए इनके सैंपल लेकर प्रयोगशाला (लैब) जांच के लिए भेजे गए हैं।
सीएमएचओ डॉ. शर्मा ने स्पष्ट किया कि खाद्य पदार्थों की प्रयोगशाला जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद मिलावटखोरों और नियमों का उल्लंघन करने वाले विक्रेताओं के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

