भरतपुर में 'बिना प्रदूषण प्रमाण-पत्र ईंधन नहीं' अभियान के तहत कार्रवाई: 41 वाहनों के चालान, 44 को ईंधन देने से इनकार
भरतपुर (कोशलेन्द्र दत्तात्रेय)
जिला कलेक्टर कमर चौधरी द्वारा वायु प्रदूषण नियंत्रण एवं वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के निर्देशों की अनुपालना में गठित संयुक्त प्रवर्तन समिति ने गुरुवार को शहर के विभिन्न पेट्रोल पंपों पर विशेष जांच अभियान चलाया। पुलिस, रसद विभाग और परिवहन विभाग की इस संयुक्त टीम ने 'बिना वैध प्रदूषण प्रमाण-पत्र ईंधन नहीं' (No PUC, No Fuel) अभियान के तहत कड़ी कार्रवाई करते हुए बिना प्रदूषण प्रमाण-पत्र वाले कुल 41 वाहनों के चालान काटे।
5 पेट्रोल पंपों का निरीक्षण, 44 वाहनों को नहीं दिया गया ईंधन
अतिरिक्त क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी अभय मुदगल ने बताया कि नोडल अधिकारी एवं प्रशिक्षु जिला परिवहन अधिकारी जितेंद्र गोठवाल के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। अभियान के दौरान पेट्रोल पंपों पर बिना वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र वाले 60 वाहनों को चिह्नित किया गया, जिनमें से 44 वाहनों को बिना प्रमाण-पत्र के ईंधन देने से स्पष्ट मना कर दिया गया।
टीम ने शहर के 5 प्रमुख पेट्रोल पंपों— एलोरा सर्विस स्टेशन, भारद्वाज फिलिंग स्टेशन, आशय द फ्यूल सॉल्यूशन्स और तिवारी पेट्रोल पंप सहित अन्य पंपों का निरीक्षण किया, जहां 'प्रदूषण प्रमाण-पत्र नहीं तो ईंधन नहीं' के जागरूकता बैनर लगे पाए गए।
पंप संचालकों को सख्त चेतावनी
संयुक्त टीम ने सभी पेट्रोल पंप संचालकों को स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी वाहन को वैध पीयूसी (PUC) के बिना ईंधन न दिया जाए। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि आपातकालीन व चिकित्सा सेवाओं को छोड़कर यदि कोई पेट्रोल पंप बिना वैध प्रमाण-पत्र वाले वाहनों को ईंधन उपलब्ध कराता पाया गया, तो उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
वाहन चालकों को किया जागरूक
कार्रवाई के दौरान पेट्रोल पंपों पर पहुंचे वाहन चालकों को पर्यावरण संरक्षण तथा वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण-पत्र रखने की अनिवार्यता के प्रति जागरूक भी किया गया। संयुक्त प्रवर्तन समिति ने स्पष्ट किया है कि शहर में वायु गुणवत्ता में सुधार और प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण के लिए यह जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।

