भय के साये में पढ़ रहे है बच्चे, विद्यालय में आने जाने का रास्ता नही, दो कमरे वह भी क्षतिग्रस्त

राजकीय शिक्षाकर्मी प्राथमिक विद्यालय पटोलिया का मामला,भवन भी निजी कृषि भूमि में बना हुआ, विधालय भवन का पट्टा न मालिक का हक त्याग स्टाम, कृषि भूमि मालिक कभी भी बेदखल कर सकता है विद्यालय

Nov 28, 2021 - 08:58
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भय के साये में पढ़ रहे है बच्चे, विद्यालय में आने जाने का रास्ता नही, दो कमरे वह भी क्षतिग्रस्त

वल्लभनगर (उदयपुर, राजस्थान/ मुकेश मेनारिया) राज्य सरकार द्वारा शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार कर डिजिटल पढ़ाई कराने एवं आधुनिक सुविधा पर करोड़ों रुपए खर्च किए जा रहे हैं लेकिन ग्रामीण बाहुल्य क्षेत्रों में आज भी विद्यालयों की दयनीय स्थिति है विद्यालय भवन जाम बने हुए व वह विद्यालय की जमीन पर नहीं बल्कि अन्य खातेदारों की जमीन पर विद्यालय बना दिए गए ना विद्यालय में आने जाने का रास्ता है नई कोई सुविधा बच्चों के लिए पानी भी विद्यालय के अध्यापकों द्वारा भरा जाता है

ऐसा ही मामला वल्लभनगर उपखंड के बाठेरडा कंला के राजस्व गांव पटोलिया के राजकीय शिक्षाकर्मी प्राथमिक विद्यालय का है जो जर जर हालत में है। राज्य सरकार द्वारा जुलाई 1998 में पटोलिया गांव में राजकीय शिक्षाकर्मी प्राथमिक विद्यालय खोला गया था। उस समय एक निजी घर मे विद्यालय संचालित हो रहा था। सरकार द्वारा करीब दो वर्ष बाद भवन की स्वीकृति हुई ओर गांव के पास जमीन नही होने से कृषि भूमि के मालिकों की मौखिक स्वीकृति से ही विद्यालय भवन बना दिया गया। विद्यालय में जाने के लिये करीब 100 मीटर तक पैदल जाना पड़ता है भवन तक न चार पहिया वाहन व दो पहिया वाहन भी नही जा सकता है। ओर उस रास्ते मे भी कीचड़ एवं बबुल के कांटे है जो ध्यान नही रखो तो या तो कीचड़ में गिरो आ पांव में कांटे चुबे । बारिश के दिनों में तो विद्यालय आना जाना दूभर हो जाता है। 

जब से विद्यालय भवन बना  जब से आज तक इस पर कोई मरम्मत का कार्य नही होने से भवन के छत के नीचे लोहे के सरिये निकल चुके है। ओर जगह जगह ऊपर से प्लास्तर गिर रहा है। बच्चों को हर समय हादसे का खतरा बना रहता है।  विद्यालय के चारो ओर पुराने मकान बने हुये है जो खंडर बन चुके है जिसमे सांप बिंछु का भी रह समय खतरा बना रहता है।

  • एनएस श्रीमाली (प्रारम्भिक ब्लॉक शिक्षा अधिकारी बाठेरडा कंला) का कहना है कि:-विद्यालय भवन पुराना बना हुआ है रास्ते की कोशिश करेंगे । रही बात जर जर की तो एक लाख रुपये की स्वीकृति मरम्मत के लिये आ गई है अभी मेटेरियल ले जाने का रास्ता नही है जब फसले कट जाएगी तब कार्य करवाएंगे।
  • गंगा देवी मियावत (सरपंच ग्राम पंचायत बाठेरडा कंला) का कहना है कि:- विद्यालय भवन जिन खातेदारों की भूमि पर बना हुआ है उन्होंने अभी दो दिन पहले प्रशासन गांवो के संग अभियान में 500 रुपये के स्टाम पर लिख कर दे दिया है। अब रिपेयरिंग करवा दिया जाएगा। 

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