अजमेर प्रवास का समापन – स्वामी विशोकानंद भारती जी को भावभीनी विदाई
खैरथल (हीरालाल भूरानी ) महानिर्वाणी अखाड़ा के आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी विशोकानंद भारती जी का दो माह का अजमेर प्रवास रविवार को प्रातः सूर्योदय से पूर्व सम्पन्न हुआ। इस अवसर पर सनातन धर्म रक्षा संघ अजयमेरू राजस्थान द्वारा तपस्वी भवन, वैशाली नगर में उन्हें भावभीनी विदाई दी गई।
प्रवास अवधि में आचार्य महामंडलेश्वर जी ने अजमेर, पुष्कर और किशनगढ़ में सत्संग, देवदर्शन और आहार ग्रहण कर हजारों श्रद्धालुओं को धर्म, भक्ति और जीवनमूल्यों की ओर प्रेरित किया। प्रेम प्रकाश आश्रम, चौरसिया वास रोड में श्रीमद् देवी भागवत कथा का समापन उनके करकमलों से सम्पन्न हुआ। इसी दौरान देश के उत्कृष्ट शिक्षकों का सम्मान भी हुआ, जिससे समाज और शिक्षा-जगत को नई प्रेरणा मिली।
विदाई अवसर पर अपने उद्बोधन में स्वामी विशोकानंद भारती जी ने कहा कि अजमेर की पवित्र भूमि संतों और महापुरुषों की तपोभूमि रही है। यहां का अपनत्व, श्रद्धा और आत्मीयता उनके लिए अविस्मरणीय रहेगी। आचार्य महामंडलेश्वर जी ने पुष्कर घाटों की आरती, किशनगढ़ देवदर्शन और अजमेर में हुए सत्संगों को अपनी विशेष स्मृतियों में बताया। उन्होंने प्रेम प्रकाश आश्रम की व्यवस्थाओं
विदाई अवसर पर विजय कुमार शर्मा द्वारा प्रस्तुत स्तुति-गान ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस मौके पर स्वामी दिव्यानंद भारती (ग्रेटर नोएडा), प्रेम प्रकाश आश्रम चौरसिया वास रोड वैशाली नगर अजमेर के संत राम प्रकाश जी, और नारायण जी, विश्व हिंदू परिषद के प्रांत प्रभारी लेखराज राठौड़, देवेंद्र त्रिपाठी, विजय कुमार शर्मा, टीकमदास मोरयानी, रामसिंह उदावत, महावीर कुमावत, छायांशी, सरला शर्मा, गायत्री शर्मा, संजू खटीक और अशोक प्रेमप्रकाशी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे और सभी ने आचार्य महामंडलेश्वर जी को श्रद्धा-सुमन अर्पित किए।