रसूखदारों के आगे सरकार के नियमों को लगा ग्रहण
वैर (भरतपुर/ कौशलेन्द्र दत्तात्रेय) सरकार जनता की समस्यायों को ध्यान में रखकर कार्य करती है। लेकिन सरकारी मुलाजिम सरकार के नियमों को ठेंगा दिखाकर अपनी मनमर्जी से कार्य करने में लगे हुए हैं। उपजिला चिकित्सालय वैर में कार्यरत कुछ चिकित्सक अधिकारियों के कृपा पात्र बने हुए हैं। जिनकी नियुक्ति उपजिला चिकित्सालय वैर में होने के उपरांत भी चिकित्सकों को भरतपुर एवं डीग डेपुटेशन करके लगा दिया गया है।
उपजिला चिकित्सालय में डाक्टरों की कमी होने के कारण मरीज परेशानी महसूस करते हैं। बार बार अधिकारियों को अवगत कराने के उपरांत भी अधिकारी कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। मजेदार बात तो यह है कि एक डाक्टर बिना सूचना के करीब 3-4 महीनों से चिकित्सालय से अनुपस्थित है।एक डाक्टर को डीग जिला के पूंछरी के लौठा पर प्रतिनियुक्ति दे दी गई है। तथा एक डाक्टर को सैटेलाइट हॉस्पिटल भरतपुर में प्रतिनियुक्ति दे दी गई है। जबकि मौसमी बीमारियों के चलते व वैर उपजिला अस्पताल होने के कारण उचित एवं विशेषज्ञ डाक्टरों की आवश्यकता है।
डॉ. गौरव कपूर सीएमएचओ भरतपुरका कहना है कि - मेरी जानकारी में नहीं है। जानकारी करवाक़र डाक्टरों की कमी को व्यवस्थित करते है।

