रास्ते के विवाद में हुई हत्या—एस सी एस टी अदालत ने 14 आरोपियों को सुनाई उम्रकैद की सजा
अलवर (अनिल गुप्ता)
रास्ते को लेकर हुए पुराने मामले में खेड़ली थाना क्षेत्र के ग्राम भांवर में हुई हत्या के मामले में एससी-एसटी कोर्ट ने बड़ा फैसला सुनाते हुए 14 आरोपियों को उम्रकैद की सजा सुनाई है।
गौरतलब रहे कि यह मामला करीब 15 वर्ष पुराना है, जिसमें लंबी सुनवाई के बाद न्यायालय ने सोमवार को फैसला सुनाया। विशिष्ट लोक अभियोजक योगेंद्र सिंह खटाणा ने सूचना देते हुए बताया कि वर्ष 2010 में खेड़ली थाना क्षेत्र के भावर गांव में रास्ते के विवाद को लेकर दो पक्षों में खूनी संघर्ष हो गया था, जिसमें पीड़ित पक्ष के रामस्वरूप की गंभीर चोटों के चलते एसएमएस अस्पताल, जयपुर में मौत हो गई थी।
मामले की जांच के दौरान पुलिस ने दोनों पक्षों की ओर से कई लोगों को गिरफ्तार किया था। आरोप था कि पंचायत में रास्ते को लेकर झगड़े के दौरान दोनों पक्षों में मारपीट हो गई। इसी दौरान रामस्वरूप पर लाठियों, सरियों व पत्थरों से हमला किया गया, जिसमें वह बुरी तरह घायल हो गए और बाद में उनकी मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल पैदा हो गया था।
विशिष्ट लोक अभियोजक खटाणा ने बताया कि अदालत ने घटना के तथ्य, चश्मदीदों के बयान और मेडिकल रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए इस मामले में कुल 14 आरोपियों को दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। वहीं, घटना में शामिल अन्य 15 आरोपियों को धारा 147, 323, 341 आईपीसी के तहत दोषी ठहराते हुए अलग-अलग अवधि की सजा सुनाई गई है।
जिन 14 आरोपियों को उम्रकैद हुई है उनमें पप्पूराम, बाबूलाल, मुकेश, विजय, नरेश, बद्रीप्रसाद, भोजराम, उमेश, शंभू, साबूलाल, कमीलाल, कुनराम, रामखंभ, हरीशंकर सहित अन्य शामिल हैं।
करीब डेढ़ दशक पुराने इस मामले में आए फैसले के बाद पीड़ित पक्ष ने अदालत के निर्णय पर संतोष जताया है। वहीं, निर्णय के बाद न्यायालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई थी। तथा 15 जनों को दो दो साल की सजा सुनाई।

