कोटपूतली आगार ने सोडावास- बानसूर रूट प्रस्तावित नहीं, परिवहन की सुविधा से वंचित ग्रामीण मार्गों पर दौड़ेंगी अनुबंधित निजी बसें
मुंडावर (देवराज मीणा) सोड़ावास ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा मजबूत करने के लिए रोडवेज ने निजी बसों को अनुबंध पर संचालित करने की प्रक्रिया शुरू की है। निगम ने पहली बार निजी ऑपरेटर को रूट चयन की स्वतंत्रता देते हुए रेवेन्यू शेयरिंग मॉडल में बदलाव किया है। कोटपूतली आगार से 5 ग्रामीण मार्गों पर बस चलाए जाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा गया है। जिनके लिए 10 दिसंबर तक टेंडर प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
सोडावास- बानसूर ग्रामीण मार्ग का प्रस्ताव नहीं भेजा गया ग्रामीणों में रोष
सोडावास- बानसूर ग्रामीण मार्ग पर कोटपूतली आगार के तहत आता है। इस मार्ग पर पूर्व में राजस्थान राज्य परिवहन निगम कोटपूतली आगार की बसें संचालित थी। इस मार्ग पर आठ दर्जन गांवो से अधिक की जनता यात्रा करती है। आगार प्रबंधकों की मनमानी के चलते इस रूट पर बसे बंद कर दी गई। इस मार्ग पर 1982 से निगम की सेवा सोडावास से बानसूर शटल सेवा शुरुआत की जो यातायात मंत्री रोहिताश शर्मा बन रहे तब तक बसें संचालित रही । उसके बाद आगार प्रबंधको की मनमानी के चलते इस रूट पर इनकम कम होना दर्शाया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता मिंटू चौधरी मुंदपुर, मुकेश मीणा चिरूनी, सोडावास सरपंच सरजीत चौधरी, चिरूनी सरपंच मूलचंद शर्मा, बलराम चंदेला अधिवक्ता आलनपुर ने यातायात मंत्री को पत्र लिखकर सोडावास- बानसूर मार्ग के गांवो के ग्रामीणों को परिवहन की सुविधा से वंचित मार्ग पर अनुबंधित निजी बसें लगाए जाने की मांग की है।