भरतपुर के इंजीनियरिंग कॉलेज को आरआईटी में क्रमोन्नत करने की मांग
भरतपुर, (विष्णु मित्तल ) समृद्ध भारत अभियान के निदेशक सीताराम गुप्ता ने भरतपुर स्थित राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज को राजस्थान इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आरआईटी) में क्रमोन्नत करने की मांग को लेकर उच्च एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव को पत्र लिखा है। पत्र में उन्होंने बताया कि इंजीनियरिंग कॉलेज के क्रमोन्नयन का प्रस्ताव राज्य सरकार स्तर पर लम्बे समय से लंबित है, जिसे शीघ्र स्वीकृत कर आवश्यक आदेश जारी किए जाने चाहिए।
गुप्ता ने पत्र में उल्लेख किया गया है कि राजस्थान के अधिकांश संभाग मुख्यालयों पर किसी न किसी प्रकार के राष्ट्रीय स्तर के तकनीकी एवं प्रशिक्षण संस्थान उपलब्ध हैं, किन्तु भरतपुर संभाग मुख्यालय पर अब तक ऐसा कोई संस्थान स्थापित नहीं हो पाया है।
इसके अभाव में यहां के युवाओं को आधुनिक एवं विश्वस्तरीय तकनीकी शिक्षा और प्रशिक्षण के अवसर नहीं मिल पाते, जिससे वे रोजगार एवं प्रतिस्पर्धा के क्षेत्र में पिछड़ जाते हैं।गुप्ता ने कहा कि यदि भरतपुर के राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज को आरआईटी में क्रमोन्नत कर दिया जाता है तो यहां अध्ययनरत छात्र-छात्राओं को नवीनतम तकनीकी ज्ञान, अनुसंधान आधारित शिक्षा तथा आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हो सकेंगी।
इससे न केवल युवाओं को राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के बेहतर अवसर प्राप्त होंगे, बल्कि भरतपुर क्षेत्र में औद्योगिक निवेश को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान इंजीनियरिंग कॉलेज में आरआईटी के संचालन हेतु आवश्यक आधारभूत संसाधन और अधोसंरचना पहले से ही उपलब्ध है। वर्तमान में उच्च तकनीकी प्रशिक्षण संस्थान के अभाव में भरतपुर के अनेक युवाओं को शिक्षा के लिए अन्य शहरों की ओर पलायन करना पड़ता है, जिससे उन पर अतिरिक्त आर्थिक भार पड़ता है।
आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के कई विद्यार्थी उच्च तकनीकी शिक्षा से वंचित रह जाते हैं। भरतपुर में आरआईटी की स्थापना होने से स्थानीय विद्यार्थियों को अपने ही क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा प्राप्त हो सकेगी, जिससे शिक्षा का स्तर सुधरेगा, रोजगार के अवसर बढ़ेंगे तथा क्षेत्र के औद्योगिक एवं आर्थिक विकास को नई गति मिलेगी।


