स्कूल में शिक्षा के नाम पर बच्चों से 'मजदूरी': नौनिहालों के हाथों में किताब की जगह झाड़ू, Video वायरल
मुंडावर ( देवराज मीणा) मुंडावर। उपखंड के ग्राम बल्लूवास से सरकारी शिक्षा व्यवस्था पर सवालिया निशान लगाने वाली बेहद चिंताजनक तस्वीरें सामने आई हैं। जहाँ एक ओर सरकार 'पढ़ेगा इंडिया तो बढ़ेगा इंडिया' का नारा दे रही है, वहीं राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (GSSS) बल्लूवास में मासूम बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। यहाँ पहली कक्षा के छोटे-छोटे बच्चों से क्लासरूम में झाड़ू लगवाई जा रही है और उनसे चाय बनवाई जा रही है।
- शिक्षा के मंदिर में 'मजदूरी'
ग्रामीणों द्वारा लगाए गए आरोप बेहद गंभीर हैं। विद्यालय में पहली कक्षा के नन्हे बच्चे, जिन्हें ठीक से पेंसिल पकड़ना भी नहीं आता, उनके हाथों में भारी झाड़ू थमा दी गई है। आरोप है कि: बच्चों से रोजाना क्लासरूम और परिसर की सफाई कराई जाती है इतना है नही स्कूल की रसोई में मासूम बच्चों से शिक्षकों के लिए चाय बनवाई जाती है। यही बच्चे चाय के कप लेकर शिक्षकों को सर्व करते नजर आते हैं।
- "हम बच्चों को पढ़ने भेजते हैं, नौकर बनने नहीं"
इस घटना को लेकर ग्रामवासियों में गहरा उबाल है। जागरूक ग्रामीणों ने रोष व्यक्त करते हुए कहा कि वे अपने बच्चों को बेहतर भविष्य और शिक्षा की उम्मीद में स्कूल भेजते हैं, लेकिन यहाँ उन्हें घरेलू नौकरों की तरह इस्तेमाल किया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से सवाल किया है कि क्या सरकारी स्कूलों में बच्चों का दाखिला मजदूरी कराने के लिए किया जाता है?
- कानून की सरेआम अवहेलना
यह मामला शिक्षा के अधिकार (RTE) और बाल श्रम निषेध कानून का खुला उल्लंघन है। सरकारी विद्यालयों में सफाई व्यवस्था के लिए विशेष फंड और व्यवस्थाएं होने के बावजूद बच्चों से शारीरिक श्रम कराना न केवल अनैतिक है, बल्कि कानूनी अपराध भी है। शिक्षकों की इस संवेदनहीनता ने विभाग की छवि पर गहरा दाग लगाया है।
शिक्षा विभाग के आला अधिकारियों और उपखंड प्रशासन से मांग की गई है कि इस मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए।


