कोठारी नदी में रासायनिक पानी से फसलें तबाह, किसानों में रोष; मुख्यमंत्री व कलेक्टर को भेजा ज्ञापन
भीलवाड़ा (बृजेश शर्मा) सुवाणा कस्बे के निकट अगरपुरा और भदाली खेड़ा बाईपास क्षेत्र में स्थित कोठारी नदी में फैक्ट्रियों से छोड़े जा रहे रासायनिक एवं प्रदूषित पानी को लेकर किसानों में भारी आक्रोश व्याप्त है। किसानों का आरोप है कि इस जहरीले पानी के कारण उनकी उपजाऊ भूमि बंजर होती जा रही है और फसलों का उत्पादन लगातार घट रहा है।
भारतीय किसान संघ, शाखा सुवाणा के माध्यम से किसानों ने मुख्यमंत्री, प्रदूषण नियंत्रण विभाग और जिला कलेक्टर को ज्ञापन भेजकर नदी के पानी की जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
किसान नेताओं गोपाल जलानिया और भंवर जलानिया सहित अन्य किसानों ने बताया कि मांडल क्षेत्र की फैक्ट्रियां चोरी-छिपे टैंकरों के जरिए केमिकल युक्त गंदा पानी नदी में छोड़ रही हैं, जिससे पर्यावरण और कृषि दोनों पर गंभीर असर पड़ रहा है।
- पर्यावरण व स्वास्थ्य पर गंभीर खतरा
- किसानों के अनुसार प्रदूषण के चलते स्थिति चिंताजनक हो गई है—
- नदी में मछलियों और अन्य जलीय जीवों का प्रजनन लगभग बंद हो गया है।
- नदी क्षेत्र में होने वाली तरबूज, खरबूज व मौसमी सब्जियों की खेती पूरी तरह प्रभावित हो चुकी है।
- आसपास के खेतों की उपजाऊ क्षमता घट रही है और किसानों में बीमारियां फैलने लगी हैं।
- किसानों ने चेतावनी दी है कि यदि प्रशासन ने जल्द ही इस समस्या का समाधान नहीं किया, तो वे उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।